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जीरे में गिरावट और धनिया में नरमी का रुझान - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 7,450-7,650 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है।

इरोद के हाजिर बाजारों में खराब क्वालिटी की आवक के कारण कीमतों में गिरावट हुई है। फिंगर वेरायटी की कीमतों में 300 रुपये और रूट वेरायटी की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। कारोबारी नयी फसल की आवक का इंतजार कर रहे हैं। निजामाबाद में हल्दी की आवक शुरू हो गयी है। जीरा वायदा (मार्च) की कीमतों में 16,400 रुपये तक गिरावट हो सकती है। बाजारों में घरेलू और निर्यात माँग काफी कम है और खरीदार नयी आवक का इंतजार कर रहे हैं। बाजारों सूत्रों के अनुसार अगले हफ्ते अधिक नमी के साथ नयी फसल की आवक के शुरू होने की संभावना है। बाजारों में मिला-जुला रुझान है और कारोबारियों को उम्मीद है कि मौजूदा सीजन में अधिक क्षेत्र में बुआई के बावजूद कैरी ओवर स्टॉक कम होने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है। लेकिन कुछ कारोबारियों का मानना है कि अधिक उत्पादन अनुमान के कारण कीमतों पर दबाव रह सकती है। धनिया वायदा अप्रैल की कीमतें नरमी के रुझान के साथ 5,600 रुपये तक लुढ़क सकती हैं। बाजार में पर्याप्त उपलब्धता के बीच बिकवाली के दबाव के कारण हाजिर कीमतों में गिरावट हुई है। मौजूदा सीजन में कम बुआई की खबरों के बावजूद पुराने स्टॉक के काफी अधिक होने के कारण कीमतों पर दबाव बरकरार रह सकती है। (शेयर मंथन 19 जनवरी 2018)

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