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हल्दी में थम सकती है गिरावट, धनिया के लिए नरमी का रुझान - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 6,450-6,400 रुपये पर सपोर्ट रह सकता है।
हाजिर बाजार में तेजी के रुझान के कारण कीमतों की गिरावट पर रोक लग सकती है। इरोद बाजार में नयी हल्दी की माँग और आवक बढ़ गयी है। कुल 3,100 बैग की आवक में से 2,100 बैग नयी हल्दी की है। दो या तीन महीने के बाद सलेम वेराइटी की हल्दी की आवक हुई है और अधिक कीमतें मिल रही हैं। अच्छी क्वालिटी के सलेम फिंगर वेराइटी की कीमतें 9,616 रुपये के स्तर पर पहुँच गयी है। कुछ कारोबारी निर्यात के लिए खरीदारी कर रहे हैं। स्थानीय फिंगर वेराइटी की कीमतों में 700 रुपये और रूट वेराइटी की कमतों में 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जीरी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में 14,400 रुपये के नजदीक सपोर्ट रह सकती है। ऊंझा में जीरे की हाजिर कीमतों में 25 रुपये प्रति 20 किलो ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जबकि राजकोट में जीरे की कीमतें सपाट है। अधिक उत्पादन के अनुमान के बावजूद कम आपूर्ति और कम कैरी ओवर स्टॉक के कारण कीमतों को मदद मिल रही है। धनिया वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 5,400-5,540 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। अधिक आवक के बीच माँग कम होने के कारण राजकोट में धनिया की कीमतों में गिरावट हुई है। जबकि अन्य बाजारों में धनिया की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। विदेशी और घरेलू बाजारों में कमोजर माँग के कारण राजकोट में धनिया की कीमतों में लगातार दूसरे दिन 10 रुपये प्रति 20 किलो की गिरावट हुई है। (निवेश मंथन, 07 मार्च 2018)

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