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हल्दी में थम सकती है तेजी, जीरे में तेजी का संकेत - एसएमसी

हल्दी वायदा (जून) कीमतों को 7,450 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है, जिससे इसमें बढ़त पर रोक लग सकती है।
हल्दी की आवक कम होने के बावजूद इरोद में हल्दी की कीमतों में गिरावट हुई है। ऐसा खराब क्वालिटी की आवक के कारण हो रहा है। इरोद को ऑपरेटिव मार्केट सोसाइटी में सभी मध्यम क्वालिटी के हाइब्रिड फिंगर वेराइटी की हल्दी की कीमतों में 200 रुपये और रूट वेराइटी की कीमतों में 100 रुपये की गिरावट हुई है। इरोद टर्मरिक मर्चेन्ट्स एसोसिएशन सेल्स यार्ड में फिंगर वेरायटी की कीमतें 6,018-8,741 रुपये प्रति क्विंटल हैं और रूट वेरायटी की कीमतें 5,199-8,100 रुपये प्रति क्विंटल हैं।
जीरा वायदा (जून) कीमतों को 16,000 रपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है और कीमतों में 16,250 रुपये तक तेजी का रुझान रह सकता है। बेहतर निर्यात माँग और मौजूदा स्तर पर बेहतर खरीदारी के कारण देश के प्रमुख बाजारों में जीरे की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। चीन के अलावा बांग्लादेश से भी जीरे की बेहतर माँग हो रही है। धनिया वायदा (जून) की कीमतों को 4,750 रुपये के स्तर सहारा रहने की संभावना है और कीमतों की गिरावट पर रोक लग सकती है। राजस्थान के बाजारों में धनिया की कीमतों में स्थिरता है। बाजारों में धनिया की आवक कम हो रही है। मध्य प्रदेश में चना की खरीदारी से किसान बाजार में धनिया की आवक कम कर रहे हैं। इस प्रकार माँग के मुकाबले पर्याप्त आपूर्ति नही होने के कारण धनिया की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो रही है। (शेयर मंथन, 16 मई 2018)

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