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सर्राफा में लगातार पाँच दिनों से कमजोरी - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बुलियन काउंटर लगातार पांचवें दिन भारतीय बाजारों में संघर्ष करता रहा। कोविड-19 वैक्सीन प्रगति को लेकर निवेशकों की उम्मीदों के कारण वैश्विक इक्विटी बाजार अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है।
लेकिन वायरस के मामलों में वृद्धि और प्रोत्साहन के उपायों को लेकर अमेरिका में गतिरोध के कारण जोखिम बना हुआ है। कोविड-19 टीकों से संबंधित विकास को प्रोत्साहित करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक तेजी से रिकवरी की उम्मीद बढ़ गयी है, जिसके परिणामस्वरूप सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। अमेरिकी चुनाव के बाद, वैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ने से सुरक्षित निवेश के लिए सोने की माँग कम हुई है। महामारी से संबंधित अनिश्चितता कम होने जा रही है क्योंकि हम सभी जल्द ही बाजार में वैक्सीन की उम्मीद कर रहे हैं।
ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन द्वारा फेडरल रिजर्व के महामारी से संबंधित अहम ऋण कार्यक्रमों के साल के अंत तक समाप्त करने की अपील ने वित्तीय बाजारों को आश्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर फेड अपने सहायता कार्यक्रम को कम करना शुरु कर देता है जो सोने के लिए फिर से थोड़ा सा बदलाव हो सकता है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल को लिखे एक पत्रा में, स्टीवन मेनुचिन ने कहा है कि 455 बिलियन डॉलर का ट्रेजरी केयर अधिनियम के तहत पिछले वसंत में आवंटित किया गया था, उसे फिर से आवंटन के लिए कांग्रेस को उपलब्ध होना चाहिये। उनके इस बयान से डॉलर में सप्ताह भर से हो रही गिरावट पर रोक लग गयी और इक्विटी बाजार पर दबाव पड़ा। इस हफ्ते भरी अस्थिरता के साथ सोने की कीमतें 49,500-51,000 रुपये के दायरे में और चांदी की कीमतें 58,200-63,100 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है जबकि कोमेक्स में सोने की कीमतें 1,830-1,920 डॉलर के दायरे में और चांदी की कीमतें 22.70-26.80 डॉलर के दायरे में कारोबार कर सकती है। (शेयर मंथन, 23 नवंबर 2020)

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