शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा में जारी रह सकती है तेजी - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,400 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 48,800 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 66,100 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 65,000 रुपये पर सहारा रह सकता है।
पिछले सत्र में डेढ़ महीने के निचले स्तर पर पहुँचने के बाद कल सोने की कीमतों में गिरावट हुई, जबकि कोविड-19 महामारी से ग्रस्त अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वैश्विक प्रोत्साहन की उम्मीद से डॉलर की मजबूती पर दबाव पड़ा। सोने की हाजिर कीमतें 0.1% बढ़कर 1,838.51 डॉलर प्रति औसतन के नजदीक कारोबार कर रही हैं। अमेरिकी सोना वायदा 0.4% की बढ़त के साथ 1,836.50 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा ट्रेजरी विभाग के लिए नामित जेनेट येलेन आज सीनेट की वित्त समिति को बतायेंगे कि सरकार को अपने अगले कोरोना वायरस राहत पैकेज के साथ बड़ा कार्य करना चाहिये। बिडेन ने वायरस से त्रास्त अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज के प्रस्ताव की घोषणा की है।
यूरोप क्षेत्र के वित्त मंत्रियों ने सोमवार को अपनी अर्थव्यवस्थाओं के लिए राजकोषीय समर्थन जारी रखने का वादा किया और महामारी के बाद रिकवरी योजनाओं के डिजाइन पर चर्चा की क्योंकि यूरोपीय आयोग ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 संकट यूरोपीय ब्लाक के आर्थिक असंतुलन को और भी बदतर बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख ने कहा है कि अत्यधिक अनिश्चित वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण को देखते हुये भारी ऋणग्रस्त देशों की मदद करने के लिए वैश्विक ऋणदाता को अधिक संसाधनों की आवश्यकता है। चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर 25.05 डॉलर प्रति औसतन पर आ गयी। (शेयर मंथन, 19 जनवरी 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख