शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा में मुनाफा वसूली की संभावना - एसएमसी

सर्राफा में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 53,900 रुपये पर सहारा और 54,500 रुपये पर रुकावट रह सकता है।

चांदी की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है और कीमतों को 71,600 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 70,800 रुपये पर सहारा रह सकता है। डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण आज सोने की कीमतों में गिरावट हुई है जबकि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर आक्रमण करने के कारण रूस के खिलाफ प्रतिबंधें को बढ़ा दिया। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इस महीने दरों को बढ़ाने का समर्थन किया, जिसके कारण अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड आठ सप्ताह के निचले स्तर से बढ़ गयी। रूस से तेल आयात प्रतिबंध की खबर के बाद, डॉलर सूचकांक 21 महीने के उच्च स्तर के करीब पहुँच गया, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना कम आकर्षक हो गया। नवीनतम घटनाक्रमों में, अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को लेकर खतरा बढ़ गया है और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर मुद्रास्फीति के दबाव को अधिक बढ़ा दिया। कमोडिटीज की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास को लेकर गतिरोध की आशंका बढ़ गयी है जिससे मुद्रास्पफीति बचाव के रुप में सोने की माँग को बढ़ावा मिला।

दुनिया में सोने के सबसे बड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग मंगलवार को बढ़कर 1,067.3 टन हो गयी जो मार्च 2021 के मध्य के बाद सबसे अधिक है। घरेलू सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पिछले हफ्ते शीर्ष एशियाई केंद्रों में खरीदारों ने खरीदारी बंद कर दिया। (शेयर मंथन, 09 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख