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सर्राफा

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी रह सकती है। सोने की कीमतों में 52,600 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 51,400 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 69,200 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 64,700 रुपये तक गिरावट हो सकती है।

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी रह सकती है। सोने की कीमतों में 52,800 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 51,400 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 69,200 के स्तर पर रुकावट के साथ 64,700 रुपये तक गिरावट हो सकती है।

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी रह सकती है। सोने की कीमतों में 52,980 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 51,400 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 68,900 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 63,100 रुपये तक गिरावट हो सकती है।

सर्राफा में निचले स्तर पर जवाबी खरीद की संभावना - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी रह सकती है। सोने की कीमतों में 53,950 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 52,800 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 71,800 रुपये स्तर पर बाधा के साथ 65,200 रुपये तक गिरावट हो सकती है।

सर्राफा में तेजी की संभावना - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में तेजी रह सकती है। सोने की कीमतों में 52,480 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 53,700 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 65,200 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 71,600 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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