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एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

सर्वेक्षण

  • ठहराव का साल होगा 2018 : बीनू जोसेफ

    साल 2018 के लिए मेरा अनुमान है कि बाजार का झुकाव ठहराव या जमने (कंसोलिडेशन) की ओर रहेगा और साल के दौरान बाजार में स्थिरता रहेगी।

  • तीसरी तिमाही में रहेगी नकारात्मक वृद्धि

    ऑनाली रूपानी
    निदेशक, एआरएम रिसर्च
    अभी मैं बाजार में तेजी की उम्मीद कर रहा हूँ, पर सावधान हूँ।

  • तीसरी तिमाही में विनिर्माण में गिरावट की संभावना - फिक्की सर्वेक्षण

    भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के नये "फिक्की विनिर्माण सर्वेक्षण" में चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2017) के दौरान विनिर्माण में थोड़ी गिरावट की संभवना जतायी गयी है।

  • दूसरी छमाही में वी आकार की उछाल

    rajesh tambeराजेश तांबे
    बाजार विश्लेषक
    सेंसेक्स जून 2017 तक 30,000 के ऊपर नहीं जा सकेगा, जबकि दिसंबर 2017 के अंत तक यह 32,000 को पार नहीं कर सकेगा।

  • दोनों दिशाओं में बेतरतीब उठापटक

    prakash diwanप्रकाश दीवान
    इक्विटी प्रमुख, आल्टामाउंट कैपिटल मैनेजमेंट
    शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना दिखती है और इसमें दोनों दिशाओं में बेतरतीब ढंग से बड़ी उठापटक होती रह सकती है।

  • नयी ऊँचाइयाँ छुएगा भारतीय बाजार

    शर्मिला जोशी

    निवेश सलाहकार, चेशायर

    भारतीय बाजार आने वाले समय में नयी ऊँचाइयाँ छू सकता है। एक साल की अवधि में सेंसेक्‍स जहाँ 68000 पहुँच सकता है, वहीं निफ्टी 21500 के स्‍तर तक जा सकता है। अगले 12 महीनों में वैश्विक बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजारों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहने का अनुमान है।

  • निफ्टी ईपीएस 20% बढ़ेगी 2023-24 में

    सिद्धार्थ खेमका

    रिटेल रिसर्च प्रमुख, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशिल सर्विसेज

    भारतीय बाजार को मजबूत अर्थव्यवस्था, स्वस्थ कॉर्पोरेट आय (अर्निंग), कम उतार-चढ़ाव और एफआईआई की निरंतर खरीदारी का लाभ मिल रहा है। बीते वित्त-वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही में कंपनियों की आय (अर्निंग) प्रभावशाली रही है। निफ्टी की आय में वृद्धि दर बीती तिमाही में हमारे 14% के अनुमान की तुलना में 16% वार्षिक रही है।

  • निफ्टी के लिए 7,200 का स्तर सबसे अहम

    anil manghnani modern sharesअनिल मंगनानी
    निदेशक, मॉडर्न शेयर्स
    मुझे लगता है कि निकट भविष्य बाजार के लिए अभी कुछ और दर्द बाकी है।

  • निवेश के अन्य विकल्पों की कमी

    ashok aggrawal globeअशोक अग्रवाल
    निदेशक, एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटीज
    बाजार के बारे में मेरा नजरिया सकारात्मक है।

  • निवेश के लिए यह उपयुक्त समय

    avinnash gorakssakarअविनाश गोरक्षकर
    रिसर्च प्रमुख, मनीलिशियस
    एफआईआई की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की उच्च कीमतें और वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में कंपनियों की आमदनी में सुस्ती की आशंका भारतीय बाजार की मुख्य चिंताएँ हैं।

  • निवेश पर सालाना 20% लाभ की आशा

    jagdish thakkarजगदीश ठक्कर
    निदेशक, फॉर्च्यून फिस्कल
    जो निवेशक कम-से-कम तीन साल या इससे अधिक की अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए अभी सर्वोत्तम अवसर है।

  • नीचे 7,200 तक जा सकता है निफ्टी

    manas jaiswal

    मानस जायसवाल
    तकनीकी विश्लेषक
    निफ्टी ने तिमाही चार्ट पर “बियरिश इनगल्फिंग” संरचना बनायी है और यह मध्यम अवधि के चार्ट पर निचले शिखर (लोअर टॉप) और निचली तलहटियाँ (लोअर बॉटम) बना रहा है।

  • नोटबंदी का असर मौजूदा भावों में शामिल

    rajesh agarwal cd equisearcराजेश अग्रवाल
    रिसर्च प्रमुख, एयूएम कैपिटल मार्केट
    नोटबंदी के बाद उपभोग क्षेत्र के कुछ बेहतरीन शेयरों की कीमतों में तकरीबन 25-30% की गिरावट आयी है।

  • नोटबंदी का असर लंबी अवधि में अच्छा

    अमरजीत सिंह
    सीईओ, अमर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट
    लंबी अवधि की दृष्टि से मैं बाजार को लेकर बहुत ही सकारात्मक हूँ।

  • नोटबंदी का असर है बाजार की मुख्य चिंता

    amit khuranaअमित खुराना
    इक्विटी प्रमुख, दौलत कैपिटल
    इस समय बाजार की मुख्य चिंताएं हैं नोटबंदी का उपभोग और पूँजीगत व्यय के चक्र पर असर।

  • नोटबंदी का लंबी अवधि में सकारात्मक असर

    vinay gupta trustlineविनय गुप्ता
    निदेशक, ट्रस्टलाइन सिक्योरिटीज
    लंबी अवधि में बाजार सकारात्मक है।

  • नोटबंदी ने रोकी विकास की गति

    nipun mehtaनिपुण मेहता
    संस्थापक एवं सीईओ, ब्लूओशन कैपिटल
    मेरे विचार में जीडीपी और कॉर्पोरेट आमदनी पर नोटबंदी का नकारात्मक असर दो तिमाहियों तक दिखेगा।

  • पहली छमाही में बाजार में निचला रुझान

    PK Agarwalपी. के. अग्रवाल
    निदेशक, पर्पललाइन इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स
    साल 2017 एक मुश्किल वर्ष होगा, जिसमें निवेशकों के लिए पैसा बना पाना एक चुनौती होगी।

  • पूँजी बचा कर रखें गिरावट पर खरीदारी के लिए

    प्रभात मित्‍तल

    तकनीकी विश्लेषक

    निवेशकों को लाभ का आनंद उठाना चाहिए और अपने पैसे बचाने चाहिए। उन्हें बाजार में गिरावट (करेक्‍शन) आने पर नयी खरीदारी के लिए हमेशा पूँजी बचा कर रखनी चाहिए। आगामी विधान सभा चुनावों का बाजार के लिए काफी महत्व रहेगा और इनका असर नकारात्मक हो सकता है।

  • पूँजी बाजार पर नये कर की चिंता

    vijay bushanविजय भूषण
    पार्टनर, भारत भूषण ऐंड कंपनी
    प्रधानमंत्री ने हाल में यह बयान दिया कि पूँजी बाजार पर अतिरिक्त कर बोझ डाला जा सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

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