कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को मिली-जुली स्थिति के साथ एशियाई बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मामूली वृद्धि देखने को मिल रही है।
शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। हांग कांग और सिंगापुर के सूचकांक लाल निशान पर है।
अमेरिकी बाजार में हुई वापसी से बुधवार को एशियाई बाजारों में भी कारोबार की तेज शुरुआत हुई है।
बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिल रही है।
सोमवार को अमेरिकी बाजार में आयी जोरदार गिरावट से आज एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में भारी कमजोरी है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में हल्की बढ़ोतरी है। ब्रेक्जिट और अमेरिका-चीन व्यापार करार को लेकर निवेशक सतर्क हैं।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मजबूत शुरुआत के बीच कई सूचकांक एक दशक के उच्च स्तर के करीब पहुँच गये हैं।
बुधवार को सभी प्रमुख एशियाई बाजार सूचकांक मजबूत स्थिति में हैं।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में कमजोर कारोबार देखने को मिल रहा है।
उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान के ऊपर से मिसाइल दाग कर क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
उत्तर कोरिया द्वारा हाइड्रोजन बम का परीक्षण किये जाने के बाद सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट है।
उत्तर कोरिया द्वारा जापान की ओर एक मिसाइल दागने से उपजे ताजे विवाद के बाद कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दिख रही है।
काोरबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दिख रही है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।