कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,490 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,390 के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,460 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 4,380 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,530 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,440 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। कुल मिलाकर कच्चे तेल की कीमतें 3,680-3,765 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,270 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 4,180 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सींमित रहने की संभावना है। कीमतों के 6,300-6,440 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना हैं और कीमतों को 5,290 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 5,200 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रह सकती है। कीमतों के 5,300-5,460 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,340 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,250 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,530 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,450 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
Page 34 of 164
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।