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गिफ्ट सिटी कैसे बन रहा है भारत का ग्लोबल फाइनेंशियल हब?

भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी गिफ्ट सिटी को लेकर पिछले कुछ वर्षों में काफी चर्चा रही है। इसी कड़ी में इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज और उसकी सहयोगी इकाई इंडिया INX ग्लोबल एक्सेस की भूमिका तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है।

इंडिया आईएनएक्स के प्रतिनिधि रितेश बिनेस ने बातचीत में बताया कि गिफ्ट सिटी का मूल उद्देश्य भारत को एक वैश्विक वित्तीय हब के रूप में स्थापित करना है, जहां विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजारों तक आसान पहुंच मिले और भारतीय निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश का सरल रास्ता उपलब्ध हो। रितेश बिनेस ने बताया कि इंडिया आईएनएक्स की स्थापना 2017 में हुई थी और यह गिफ्ट सिटी का पहला इंटरनेशनल एक्सचेंज था। शुरुआत में वहां केवल एक ही बिल्डिंग थी और उसी में इंडिया आईएनएक्स का पहला कार्यालय शुरू हुआ था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। गिफ्ट सिटी में विदेशी निवेशकों और एनआरआई के लिए कई टैक्स और रेगुलेटरी छूट दी गई हैं।

उदाहरण के तौर पर, यहां ट्रेडिंग के लिए पैन नंबर या एफपीआई रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा कैपिटल गेन टैक्स, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स, स्टैंप ड्यूटी और जीएसटी जैसी कई लागतों से भी राहत दी गई है। यही वजह है कि गिफ्ट सिटी को विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय पूंजी बाजार में प्रवेश का आसान माध्यम माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंडिया आईएनएक्स पर फिलहाल मुख्य रूप से डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध हैं, लेकिन अब लक्ष्य इक्विटी और ईटीएफ प्रोडक्ट्स को भी तेजी से बढ़ाने का है। इंडिया आईएनएक्स की योजना 2026 में भारतीय शेयरों और इंडेक्स आधारित ईटीएफ लॉन्च करने की है, ताकि विदेशी निवेशक सीधे भारतीय बाजार से जुड़े प्रोडक्ट्स में निवेश कर सकें। इसके साथ ही गिफ्ट सिटी केवल विदेशी निवेशकों को भारत तक पहुंच नहीं देता, बल्कि भारतीय निवेशकों को भी वैश्विक बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराता है।

इसी उद्देश्य से इंडिया आईएनएक्स ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म बनाया गया, जिसके जरिए भारतीय निवेशक अमेरिकी और अन्य वैश्विक बाजारों में निवेश कर सकते हैं। वर्तमान में 200 से ज्यादा भारतीय ब्रोकर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। निवेशक अपने मौजूदा भारतीय ब्रोकर के माध्यम से ग्लोबल अकाउंट खोल सकते हैं और उसके जरिए विदेशी शेयर, ईटीएफ, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर निवेशक एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी वैश्विक कंपनियों के शेयर खरीद सकते हैं। इसके अलावा NASDAQ आधारित ईटीएफ में भी निवेश संभव है।

रितेश बिनेस ने यह भी बताया कि भविष्य में टैक्स एफिशिएंट यूसेट्स (UCITS) प्रोडक्ट्स को भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। यह ऐसे निवेश उत्पाद हैं जो यूरोप के वित्तीय केंद्रों जैसे लग्ज़मबर्ग और आयरलैंड में संरचित होते हैं और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए टैक्स के लिहाज से ज्यादा अनुकूल माने जाते हैं। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में भारतीय निवेशकों को भी यह विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।

गिफ्ट सिटी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक “गिफ्ट निफ्टी” को माना जा रहा है, जिसने सिंगापुर निफ्टी की जगह ली है। इससे भारतीय बाजार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग गतिविधियों का केंद्र अब भारत के भीतर शिफ्ट होने लगा है। वर्तमान में गिफ्ट सिटी में 1100 से अधिक संस्थाएं रजिस्टर्ड हैं और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

इसके अलावा इंडिया आईएनएक्स ने डॉलर आधारित सेंसेक्स फ्यूचर्स भी लॉन्च किए हैं। यह उत्पाद विदेशी निवेशकों और एनआरआई के लिए उपलब्ध है और लगभग 22 घंटे तक ट्रेडिंग की सुविधा देता है। इसमें निवेशक डॉलर में भारतीय बाजार पर दांव लगा सकते हैं। हालांकि भारतीय रेजिडेंट निवेशकों के लिए एलआरएस नियमों के कारण अभी डेरिवेटिव ट्रेडिंग की अनुमति नहीं है, लेकिन भविष्य में विदेशी ईटीएफ और अन्य प्रोडक्ट्स के जरिए उन्हें भी अधिक विकल्प देने की तैयारी की जा रही है।

रितेश बिनेस के मुताबिक सरकार और रेगुलेटर्स की तरफ से धीरे-धीरे ऐसे नियम तैयार किए जा रहे हैं जिनसे भारतीय कंपनियां गिफ्ट सिटी में सीधे लिस्ट हो सकें और विदेशी निवेशकों से पूंजी जुटा सकें। फिलहाल अनलिस्टेड भारतीय कंपनियों को गिफ्ट सिटी में आईपीओ लाने की अनुमति है, जबकि ड्यूल लिस्टिंग के लिए Securities and Exchange Board of India यानी सेबी की अंतिम गाइडलाइंस का इंतजार है।

गिफ्ट सिटी अब केवल एक विशेष आर्थिक क्षेत्र नहीं बल्कि भारत के उभरते वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। इसका उद्देश्य भारत को अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह का बड़ा केंद्र बनाना और निवेशकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना है जहां से दुनिया और भारत के बाजार एक-दूसरे से सीधे जुड़ सकें।

(शेयर मंथन, 26 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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