इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) ने पहली बार किसी मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की फाइनेंसिंग के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण लोन एग्रीमेंट साइन किया है।
आईआरएफसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे के अनुसार, यह सिर्फ एक साधारण लोन डील नहीं बल्कि एक नया घरेलू फाइनेंसिंग मॉडल है, जो भविष्य में देश की दूसरी मेट्रो परियोजनाओं के लिए भी रास्ता खोल सकता है। अब तक भारत में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स को मुख्य रूप से बहुपक्षीय और विदेशी संस्थाओं से फंडिंग मिलती रही है। लेकिन IRFC ने पहली बार घरेलू स्तर पर एक मजबूत और सुरक्षित फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर तैयार किया है। इस मॉडल के तहत कंपनी कम ब्याज दर पर फंड उपलब्ध कराएगी, जिससे हैदराबाद मेट्रो की वित्तीय लागत में करीब 30 से 40 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है।
इस समझौते की सबसे खास बात इसका मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम है। तेलंगाना सरकार की गारंटी, छह महीने का डेट सर्विस रिजर्व अकाउंट (DSRA) और RBI के जरिए ऑटो-डेबिट मैकेनिज्म जैसे प्रावधान इसमें शामिल किए गए हैं। आईआरएफसी का कहना है कि वह अपनी ‘जीरो NPA’ वाली पहचान बनाए रखना चाहती है और इसी वजह से हर परियोजना में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था रखी जा रही है।
हैदराबाद मेट्रो का पहला चरण पहले से संचालन में है और इसकी दैनिक राइडरशिप 5 लाख से ज्यादा है। अब तेलंगाना सरकार फेज-2 और फेज-3 को आगे बढ़ाना चाहती है, जिसके लिए IRFC की फंडिंग बड़ी भूमिका निभाएगी।
(शेयर मंथन, 28 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)