मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अब तक जिस तरह की मजबूती दिखाई दे रही थी, उसमें थोड़ी सावधानी की जरूरत नजर आने लगी है।
ताजा बाजार डेटा में मिडकैप इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग के संकेत मिले हैं। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कारोबार के दौरान इंडेक्स ने खुद को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन 63,000 के स्तर के ऊपर टिकने में उसे लगातार दिक्कत हुई। खास बात यह रही कि दिन के शुरुआती 10-15 मिनट में गिरावट आने के बाद इंडेक्स ने रिकवरी की, लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिकाव नहीं बना पाया। इस तरह की चाल बताती है कि बाजार में मुनाफावसूली का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
तकनीकी नजरिए से भी मौजूदा स्थिति को पूरी तरह सकारात्मक नहीं माना जा सकता। मिडकैप इंडेक्स की हालिया चाल में एक ऐसी कैंडल बनी है, जो बाजार में अनिश्चितता और प्रॉफिट बुकिंग की ओर इशारा करती है। 63,200-63,150 के आसपास क्लोजिंग की उम्मीद थी, लेकिन इसके नीचे बंद होने से तस्वीर थोड़ी कमजोर हुई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मिडकैप में बड़ी गिरावट तय है। बाजार कुछ समय तक 63,000-62,500 के दायरे में रहकर टाइम-करेक्शन भी कर सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति जल्दबाजी करने के बजाय पोर्टफोलियो की समीक्षा और रीशफलिंग पर ध्यान देना हो सकती है। सेक्टर और शेयरों के बीच रोटेशन के जरिए ही आने वाले समय में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
(शेयर मंथन, 04 सितंबर 2026)
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