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निफ्टी (Nifty) गिर कर 8,438 पर, सेंसेक्स (Sensex) 339 अंक टूटा

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक आज तेज गिरावट के साथ बंद हुए।

इन्फोसिस (Infosys) के संस्थापक सदस्यों द्वारा कंपनी के शेयर बेचे जाने की खबर से बाजार में गिरावट बढ़ी। चीन में आयात में अप्रत्याशित गिरावट के आँकड़ों से भी बाजार पर दबाव बढ़ा। 

निफ्टी (Nifty) 8,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 339 अंक यानी 1.19% की गिरावट के साथ 28,119 पर रहा। निफ्टी 100 अंक यानी 1.17% गिर कर 8,438 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 1.10% की गिरावट रही। बीएसई के स्मॉलकैप (Smallcap) में 0.87% और बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 1.22% की गिरावट रही। क्षेत्रों के लिहाज से आईटी और टीईसीके क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा।

मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार होता रहा। कारोबार के दूसरे घंटे में बाजार की गिरावट बढ़ी। कमजोर यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा। निफ्टी 8,500 के स्तर से नीचे लुढ़क गया। दोपहर के कारोबार में बाजार टूटता चला गया। कारोबार के आखिरी मिनटों में बाजार एक बार फिर तेजी से नीचे फिसला। इस दौरान सेंसेक्स 28,097 और निफ्टी 8,432 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। आखिरकार, सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में अपने निचले स्तरों के आसपास ही बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से आईटी को सबसे ज्यादा 3.18% का घाटा हुआ। टीईसीके में 2.58%, रियल्टी में 1.80%, कैपिटल गुड्स में 1.72%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.41%, ऑटो में 1.36%, पावर में 1.34%, धातु में 1.31%, बैंकिंग में 1.23%, तेल-गैस में 0.82% और हेल्थकेयर में 0.35% की गिरावट रही। दूसरी ओर, एफएमसीजी में 0.78% की मजबूती रही। (शेयर मंथन, 08 दिसंबर 2014)

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