शेयर मंथन में खोजें

क्या निफ्टी में शुरू हो रही है नई तेजी या यह सिर्फ राहत की उछाल?

बाजार में फिलहाल घबराहट कम जरूर दिख रही है, लेकिन पूरी तरह भरोसे का माहौल अभी भी नहीं बना है। निफ्टी में एक “माइनर पॉजिटिविटी” दिखाई दे रही है और ऐसा लग रहा है कि यहां से हल्का पुलबैक या बाउंस देखने को मिल सकता है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि हालांकि यह तेजी बहुत भरोसेमंद नहीं मानी जा रही, क्योंकि बड़े रेजिस्टेंस स्तर अभी भी टूटे नहीं हैं। फिलहाल 23,300 के आसपास का सपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 23,950 से 24,000 का क्षेत्र मजबूत रुकावट बनकर सामने खड़ा है। अभी बाजार में जो थोड़ी सकारात्मकता दिख रही है, उसका आधार केवल प्राइस और वॉल्यूम डेटा है। इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक या भू-राजनीतिक समाधान नहीं दिख रहा। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बरकरार है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें नीचे नहीं आई हैं। ऐसे में बाजार पर खतरा पूरी तरह टला हुआ नहीं माना जा सकता। उनका साफ कहना था कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े बयान बेहद अस्थिर और भ्रम पैदा करने वाले हैं, इसलिए निवेशकों को उन पर भरोसा करने के बजाय अपने डेटा और तकनीकी संकेतों के आधार पर फैसले लेने चाहिए।

चर्चा में यह भी सामने आया कि बैंकिंग और आईटी सेक्टर फिलहाल बाजार को थोड़ा सहारा देते दिख रहे हैं। बैंक निफ्टी में 52,750-52,800 के आसपास शॉर्ट टर्म बॉटम बनने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अगर यह स्तर टिके रहते हैं तो निफ्टी को नीचे जाने से रोकने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर आईटी सेक्टर में शॉर्ट कवरिंग की संभावना बताई गई, जिससे इंडेक्स को कुछ राहत मिल सकती है। यही वजह है कि अभी बाजार में गैप फिल होने की आशंका थोड़ी कम हुई है।

हालांकि 24,000 का स्तर बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहां एक छोटा लेकिन बेहद प्रभावी रेजिस्टेंस मौजूद है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर क्लोजिंग देने में सफल होता है, तो तेजी 24,300 से 24,500 तक खिंच सकती है। चर्चा के दौरान अप्रैल से अब तक के मूवमेंट को देखकर एक लगभग परफेक्ट पैरेलल चैनल बनने की बात भी सामने आई। इस चैनल के मुताबिक निफ्टी फिलहाल निचले हिस्से से उठकर ऊपरी ट्रेंड लाइन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह ट्रेंड लाइन करीब 24,200-24,300 के आसपास रेजिस्टेंस दे सकती है।

उमेश कुमार ने निवेशकों को सलाह दी कि इस समय बहुत ज्यादा आक्रामक या अति-आशावादी होने की जरूरत नहीं है। उनका जोर इस बात पर रहा कि इंडेक्स आधारित बड़ी दिशा की बजाय सेक्टर स्पेसिफिक और स्टॉक स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा बेहतर रहेगी। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में धीरे-धीरे SIP शैली में निवेश करने की सलाह दी गई, क्योंकि कई सेक्टर्स के नतीजे अभी भी उत्साहजनक नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि असली कमाई वहीं बन सकती है, जबकि इंडेक्स की दिशा फिलहाल विदेशी निवेशकों और वैश्विक घटनाओं के प्रभाव में बनी हुई है।

बाजार इस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है। तकनीकी संकेत थोड़ी राहत और सीमित तेजी की संभावना जरूर दिखा रहे हैं, लेकिन वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी सबसे बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति यही मानी जा रही है कि वे सतर्कता के साथ अवसर तलाशें, स्टॉप लॉस का पालन करें और अत्यधिक जोखिम लेने से बचें।



(शेयर मंथन, 01 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख