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निफ्टी के लिए 23,700 का स्तर क्यों बना सबसे अहम?

भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली है और निफ्टी 24,000 के ऊपर टिकने में सफल नहीं हो पाया।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार बाजार में फिलहाल 'राउंडिंग टॉप' बनने की आशंका दिखाई दे रही है, जिससे निकट अवधि में सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, इसे अभी बड़ी गिरावट का संकेत नहीं माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,700 के स्तर के नीचे क्लोजिंग नहीं देता, तब तक किसी बड़े नकारात्मक निष्कर्ष पर पहुंचने की जरूरत नहीं है।

तकनीकी चार्ट पर 23,700 का स्तर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर बना रहता है तो बाजार में दोबारा मजबूती लौट सकती है। वहीं दूसरी ओर, 24,600 के ऊपर क्लोजिंग मिलने तक किसी मजबूत अपट्रेंड की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। इसलिए निवेशकों को फिलहाल बड़े दांव लगाने के बजाय प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की दिशा अब केवल तकनीकी संकेतों से तय नहीं होगी, बल्कि वैश्विक घटनाक्रम भी इसमें बड़ी भूमिका निभाएंगे। यदि निफ्टी 23,700 के ऊपर बना रहता है तो बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन इस स्तर के नीचे क्लोजिंग मिलने पर आगे की रणनीति का दोबारा आकलन करना होगा। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए धैर्य और जोखिम प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण रणनीति रहेगी।


(शेयर मंथन, 28 जुलाई 2026)

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