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क्या मिडकैप में आने वाली है 10,000 अंकों की बड़ी रैली?

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर बाजार में लंबे समय से उत्साह बना हुआ है और इसके पीछे मजबूत वजहें भी हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कंपनियों के आंकड़े और कारोबारी प्रदर्शन इस तेजी को सपोर्ट कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में मिडकैप इंडेक्स में एक और अच्छी चाल देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को सिर्फ तेजी की उम्मीद में जल्दबाजी करने के बजाय सही स्तरों और बाजार की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

विशेषज्ञ के मुताबिक, आने वाले रिजल्ट सीजन से बाजार की दिशा को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। अक्टूबर के पहले और दूसरे सप्ताह से कंपनियों के तिमाही नतीजे आने शुरू होंगे। मौजूदा समय में बाजार में उम्मीदें काफी ज्यादा हैं और अगर कंपनियों के नतीजे उन उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो बाजार में ओवररैली की संभावना बन सकती है। वहीं, अगर नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे तो बाजार में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। इसलिए अक्टूबर के मध्य से बाजार को लेकर सावधानी बढ़ाना जरूरी होगा।

मिडकैप इंडेक्स के लिए करीब 62,000 का स्तर महत्वपूर्ण बताया गया है। अगर इंडेक्स इस स्तर के आसपास मजबूती बनाए रखता है और इसके नीचे बड़ी कमजोरी नहीं आती है, तो आगे इसमें करीब 6,000 से 10,000 अंकों तक की रैली देखने को मिल सकती है। यानी मौजूदा स्तरों से मिडकैप में एक और मजबूत तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस तेजी का फायदा उठाने के साथ-साथ सही समय पर मुनाफावसूली करना भी जरूरी होगा।

दिवाली के नजरिए से भी बाजार को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं। इस बार दिवाली 8 नवंबर को है और तब तक अगले रिजल्ट सीजन का एक बड़ा हिस्सा सामने आ चुका होगा। ऐसे में अगर सितंबर से शुरू होने वाली संभावित तेजी अक्टूबर के मध्य तक मजबूत रूप लेती है, तो नवंबर आने से पहले ही निवेशकों को अच्छा कैपिटल गेन मिल सकता है। इसी वजह से विशेषज्ञ इसे 'कैपिटल गेन वाली दिवाली' मान रहे हैं। हालांकि, उनका मानना है कि अक्टूबर के मध्य से कैश का एक छोटा हिस्सा बनाना और कुछ मुनाफा सुरक्षित करना समझदारी हो सकती है।

विशेषज्ञ के अनुसार, मौजूदा तेजी का पूरा असर दिवाली तक चलना जरूरी नहीं है। उनका आकलन है कि बाजार में जो रैली आने वाली है, वह रिजल्ट सीजन शुरू होने के बाद खत्म होने के करीब पहुंच सकती है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि बाजार पहले ही लगातार अच्छे नतीजों और सकारात्मक खबरों को कीमतों में शामिल कर चुका है। अगर आने वाले समय में कोई बड़ा जियोपॉलिटिकल संकट नहीं आता है और कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में ओवर-एक्सपेक्टेशन और उसके बाद ओवर-रैली की स्थिति बन सकती है।

इस नजरिए से सितंबर महत्वपूर्ण महीना हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि रैली सितंबर में शुरू हो सकती है और कुछ परिस्थितियों में अगस्त के अंत से भी इसकी शुरुआत देखने को मिल सकती है। वहीं, यह तेजी अक्टूबर के मध्य से लेकर अक्टूबर के आखिर तक अपने चरम पर पहुंच सकती है। हालांकि, बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इस टाइमलाइन में बदलाव भी संभव है। इसलिए निवेशकों को किसी एक तारीख या स्तर के बजाय बाजार की चाल और रिजल्ट्स पर नजर रखनी चाहिए।

स्मॉलकैप की बात करें तो यहां भी एक महत्वपूर्ण स्तर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। स्मॉलकैप इंडेक्स के लिए करीब 19,000 का स्तर अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के आसपास बना रहता है और इसके नीचे बड़ी गिरावट नहीं आती है, तो स्मॉलकैप में भी तेजी की संभावना बनी रह सकती है। यानी मिडकैप की तरह स्मॉलकैप में भी निवेशकों को सपोर्ट लेवल पर नजर रखते हुए आगे की रणनीति बनानी चाहिए।


(शेयर मंथन, 11 अगस्त 2026)

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