शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी को लेकर 24,000 का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि बाजार में शुरुआती दबाव के बाद रिकवरी देखने को मिली, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ती अस्थिरता निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल निफ्टी का अपट्रेंड बरकरार है और जब तक इंडेक्स 24,000 के नीचे क्लोजिंग नहीं देता, तब तक मौजूदा तेजी की संरचना को कमजोर नहीं माना जाना चाहिए।
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो मूविंग एवरेज बाजार की दिशा समझने में मदद कर रहे हैं। निफ्टी ने 200 डे मूविंग एवरेज से पलटने के बाद 20 डे मूविंग एवरेज के आसपास सपोर्ट लिया है। हालांकि विशेषज्ञों ने साफ किया कि मूविंग एवरेज को किसी पक्के सपोर्ट की तरह नहीं देखना चाहिए। अगर बाजार इसके नीचे बंद होता है तो आगे और करेक्शन की संभावना बन सकती है।
निवेशकों के लिए रणनीति की बात करें तो गिरावट में धीरे-धीरे खरीदारी यानी ‘बाय ऑन डिप्स’ की रणनीति अपनाई जा सकती है, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट बेहद जरूरी है। 24,000 के नीचे क्लोजिंग को ट्रेडर्स के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना गया है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्वालिटी शेयरों में धैर्य बनाए रखने पर जोर दिया गया है। बाजार हर दिन एक जैसा प्रदर्शन नहीं करता और कई बार किसी पोर्टफोलियो में तेजी इंडेक्स से बाद में दिखाई देती है।
(शेयर मंथन, 17 अगस्त 2026)
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