क्या दीपावली से पहले शेयर बाजार में 10 से 15 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल सकती है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि मौजूदा गिरावट को फिलहाल सामान्य करेक्शन के तौर पर देखना चाहिए, क्योंकि बाजार के फंडामेंटल्स में अभी बड़ी कमजोरी नहीं दिख रही है। जून तिमाही में निफ्टी 50 कंपनियों का औसत मुनाफा करीब 18 फीसदी बढ़ा है, जो पिछले 10 तिमाहियों में सबसे मजबूत ग्रोथ है। इससे बाजार के मध्यम अवधि के आउटलुक को सहारा मिला है।
बाजार में आगे कमाई के मौके जरूर बनेंगे, लेकिन इस बार सिर्फ पूरे इंडेक्स के ऊपर जाने पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं होगी। निवेशकों को मजबूत बिजनेस और बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों की पहचान करनी होगी। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से बाजार एक दायरे में फंसा हुआ है और ऐसे माहौल में स्टॉक पिकिंग की भूमिका काफी बढ़ जाती है। यानी निवेशकों को बाजार में गिरावट आने पर अच्छे शेयरों में खरीदारी के मौके तलाशने चाहिए और कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर समय-समय पर पोर्टफोलियो में बदलाव करना चाहिए।
तकनीकी स्तर पर 24,000 का आंकड़ा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया कमजोरी के बीच निफ्टी 50 24,154 के आसपास बंद हुआ है और लगातार छह सत्रों की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में 24,000 के ऊपर टिके रहना बाजार की मजबूती के लिए अहम होगा। इससे पहले भी तकनीकी विश्लेषकों ने 24,000 को मजबूत सपोर्ट माना है और इसके टूटने पर 23,800 की ओर दबाव बढ़ने की संभावना जताई है।
सोमेश कुमार की रणनीति भी इसी स्तर के आसपास केंद्रित है। उनका मानना है कि 24,000 के ऊपर बाजार की दिशा सकारात्मक बनी रह सकती है। वहीं 24,300 के आसपास या उसके करीब गिरावट में खरीदारी करने की रणनीति अपनाई जा सकती है, लेकिन इसके साथ 24,000 के आसपास रिस्क मैनेजमेंट रखना जरूरी होगा। इसका मतलब यह है कि निवेशकों को केवल तेजी की उम्मीद में बिना योजना के खरीदारी करने के बजाय सपोर्ट और रिस्क दोनों को ध्यान में रखना चाहिए।
दीपावली से पहले संभावित तेजी की बात करें तो सोमेश कुमार के अनुसार बाजार में 10 से 15 फीसदी तक की रैली की संभावना बन सकती है। इसके पीछे एक बड़ी वजह आने वाला रिजल्ट सीजन होगा। अक्टूबर से कंपनियों के नए तिमाही नतीजे सामने आने लगेंगे और नवंबर में मिडकैप कंपनियों के नतीजे भी बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। अगर कंपनियों की कमाई और आगे के आउटलुक में मजबूती बनी रहती है तो यह बाजार में नई खरीदारी को बढ़ावा दे सकता है।
हालांकि, अगले कुछ हफ्तों में बाजार के लिए राह पूरी तरह आसान नहीं है। मौजूदा समय में जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। 18 अगस्त 2026 को निफ्टी 24,154.90 पर बंद हुआ और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण बाजार में दबाव बना रहा। इसलिए दीपावली तक 10-15 फीसदी की तेजी को निश्चित रिटर्न के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक संभावित बाजार परिदृश्य है, जो सपोर्ट लेवल, कॉरपोरेट अर्निंग्स, ग्लोबल संकेतों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगा।
अगर निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट के ऊपर बना रहता है और आने वाले महीनों में कॉरपोरेट अर्निंग्स मजबूत रहती हैं, तो दीपावली से पहले बाजार में अच्छी तेजी की गुंजाइश बन सकती है। लेकिन 24,000 के नीचे निर्णायक कमजोरी आने पर यह अनुमान बदल सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय गिरावट में मजबूत शेयरों की पहचान करें, चरणबद्ध तरीके से निवेश करें और रिस्क मैनेजमेंट को नजरअंदाज न करें।
(शेयर मंथन, 18 अगस्त 2026)
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