शेयर मंथन में खोजें

निवेश श्रेणी वाले शेयर जमा करते रहें : पी.के अग्रवाल (P.K Agarwal)

बाजार अगले कई वर्षों तक एक टिकाऊ तेजी के दौर में आ गया है, लेकिन बीच-बीच में सुधार वाली गिरावटें आती रहेंगी।

ऐसी हर गिरावट में निवेश श्रेणी वाले शेयरों को जमा करते रहना चाहिए। बाजार के लिए सकारात्मक यह है कि मूल्यांकन अभी यथार्थ के पास हैं। बाजार में आशावाद कायम है। कई कंपनियों के पास निवेश के लिए काफी नकदी भी पड़ी है। खुदरा निवेशकों की सहभागिता भी लौटने लगी है। वहीं एफआईआई की गहरी दिलचस्पी बनी हुई है। लेकिन अगर मोदी सरकार उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी तो यह बाजार के लिए नकारात्मक होगा। महँगाई, धीमा विकास, ऊँची ब्याज दर और कम बचत दर जैसी चिंताएँ कायम हैं। पी. के. अग्रवाल, निदेशक, पर्पललाइन इन्वेस्टमेंट (P.K Agarwal, Director, Pipeline Investment) 

(शेयर मंथन, 09 जुलाई 2014)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख