शेयर मंथन में खोजें

विशेषज्ञ से जानें निवेशकों को आईटी शेयरों में निवेश करना चाहिए या नहीं?

निवेशकों को आईटी शेयरों में निवेश करना चाहिए या नहीं? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि आईटी शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि आईटी सेक्टर लंबे समय तक निवेशकों के लिए मजबूत और भरोसेमंद क्षेत्र माना जाता रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में इस सेक्टर में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सबसे बड़ा कारण है –महँगा वैल्यूएशन और अनिश्चितता। बाजार में छाई वैश्विक अनिश्चितता, धीमी मांग और कंपनियों के सीमित ईपीएस (EPS) ग्रोथ की संभावना के चलते इस सेक्टर में अभी बड़े रिटर्न की उम्मीद कम दिख रही है। आईटी सेक्टर को अभी समय और कीमत  दोनों स्तर पर करेक्शन की ज़रूरत है। कंपनियों के मूल्यांकन काफी ऊँचे हैं और उनके मुनाफे में तेज़ वृद्धि की कोई स्पष्ट संभावना नहीं दिख रही। ऐसे में निकट भविष्य में निवेशक इस सेक्टर से दूरी बनाए हुए हैं और “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपना रहे हैं।  इस समय निवेशकों के लिए सही रणनीति यही होगी कि वे आईटी सेक्टर में नए निवेश से बचें और मौजूदा निवेश को लेकर धैर्य बनाए रखें। जब तक वैल्यूएशन आकर्षक स्तरों पर नहीं आते और वैश्विक अनिश्चितता कम नहीं होती, तब तक इस सेक्टर में बड़े रिटर्न की संभावना सीमित है।


(शेयर मंथन, 29 सितंबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख