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मौजूदा स्तरों पर सोने में निवेश का मौका है या जोखिम, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

वर्तमान वैश्विक माहौल को देखें तो इकोनॉमीज और सेंट्रल बैंक तेजी से मेटल्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं। कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता से जानें सोना में निवेश अभी मौका है या जोखिम?

कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता कहते है कि खासतौर पर गोल्ड को एक सेफ हेवन एसेट माना जा रहा है, क्योंकि यह अनिश्चितता के समय में पूंजी की सुरक्षा करता है। अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता, प्रशासन और फेडरल रिजर्व के बीच तनाव, कमजोर जॉब मार्केट और ऊंची महंगाई जैसी परिस्थितियां इकोनॉमिक स्लोडाउन के संकेत दे रही हैं। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी लगातार बने हुए हैं। इन सभी कारणों से सोना और चाँदी में सेफ हेवन डिमांड मजबूत होती दिख रही है। 

इन फैक्टर्स को देखते हुए यह माना जा रहा है कि 2026 तक गोल्ड और सिल्वर के ट्रेंड में बड़ी कमजोरी आने की संभावना कम है। हालांकि, तकनीकी रूप से बाजार में करेक्शन आना स्वाभाविक है। 15–20% तक की गिरावट किसी भी मजबूत अपट्रेंड में सामान्य मानी जाती है। इसलिए निवेशकों को मानसिक रूप से इसके लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसी गिरावट को घबराने की बजाय अवसर के रूप में देखना ज्यादा समझदारी होगी और एसआईपी या छोटी-छोटी पोजीशन बनाकर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाया जा सकता है।

2026 के लिए सोने का नजरिया

लंबी अवधि यानी पूरे 2026 के नजरिया से तस्वीर ज्यादा सकारात्मक दिखती है। अनुमान है कि 2026 में गोल्ड अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4500 से 4800 डॉलर प्रति औंस तक के स्तर छू सकता है। वहीं सिल्वर में भी मजबूत मोमेंटम बना रह सकता है और इसके 70 से 80 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना जताई जा रही है। यह पूरे साल का संभावित टारगेट है और यदि ये स्तर पहले ही हासिल हो जाते हैं, तो आगे के लक्ष्यों में संशोधन भी किया जा सकता है।


(शेयर मंथन, 19 दिसंबर 2025)

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