शेयर बाजार में ज्यादातर निवेशक अपने पोर्टफोलियो को देखकर सिर्फ यही समझने की कोशिश करते हैं कि आज उनका निवेश हरे रंग में है या लाल रंग में।
लेकिन बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि असली निवेश मूल्यांकन केवल मौजूदा पोर्टफोलियो देखकर नहीं बल्कि पूरे निवेश चक्र को समझकर किया जाना चाहिए। उनके अनुसार निवेशकों को अपने रिटर्न को समझने के लिए XIRR यानी एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न पर ध्यान देना चाहिए। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार ने समझाया कि लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन केवल किसी एक शेयर को खरीदकर वर्षों तक पकड़े रहने से नहीं होता, बल्कि समय-समय पर प्रॉफिट बुक करके उसे नए अवसरों में रीइन्वेस्ट करने से होता है। इसी प्रक्रिया से कंपाउंडिंग का असली फायदा मिलता है। लेकिन समस्या यह है कि ज्यादातर ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म निवेशकों को केवल उनके मौजूदा होल्डिंग्स का अनरियलाइज्ड प्रॉफिट या लॉस दिखाते हैं। पहले जो शेयर बेचकर मुनाफा कमाया गया, वह डेटा अक्सर नजर से गायब हो जाता है।
उनके मुताबिक यही वजह है कि कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो को गलत तरीके से जज करते हैं। अगर किसी निवेशक ने पहले किसी स्टॉक में अच्छा मुनाफा कमाया और बाद में उस पैसे को किसी दूसरे सेक्टर में लगाया, तो केवल वर्तमान होल्डिंग देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि उसका निवेश कमजोर चल रहा है। असली मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि शुरुआती पूंजी समय के साथ कितनी तेजी से बढ़ी।
उन्होंने कहा कि आज लगभग सभी बड़े ब्रोकर्स अपने प्लेटफॉर्म पर XIRR दिखाते हैं और निवेशकों को उसी पर ध्यान देना चाहिए। XIRR यह बताता है कि अलग-अलग समय पर हुए निवेश, निकासी, प्रॉफिट बुकिंग और रीइन्वेस्टमेंट को मिलाकर कुल रिटर्न कितना बन रहा है। यही किसी भी निवेशक की वास्तविक परफॉर्मेंस होती है।
शोमेश कुमार ने यह भी कहा कि निवेशकों को ट्रेडर मानसिकता छोड़कर लंबी अवधि की सोच अपनानी होगी। हर साल लगातार मुनाफा नहीं बनता और कई बार दो-दो साल तक पोर्टफोलियो स्थिर या कमजोर रह सकता है। लेकिन अगर पांच साल के चक्र में निवेशक का XIRR औसतन 15-20% के आसपास बना रहता है, तो यह शानदार प्रदर्शन माना जाएगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ साल ऐसे आते हैं जब पूरा बाजार ही 25-30% रिटर्न देता है और उस समय अच्छे पोर्टफोलियो 35-40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। वहीं कुछ समय कमजोर भी रह सकता है। इसलिए निवेशकों को छोटे समय की निराशा के बजाय पूरे चक्र को समझना चाहिए। उनके मुताबिक जो निवेशक धैर्य और अनुशासन बनाए रखते हैं, वही लंबे समय में वास्तविक संपत्ति बना पाते हैं।
(शेयर मंथन, 27 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)