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सारेगामा पर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

म्यूजिक और एंटरटेनमेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी सारेगामा को लेकर लंबे समय से निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। इस पर बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि कंपनी की रणनीति उन्हें सकारात्मक लगती है और लंबी अवधि के नजरिए से इसमें संभावनाएं दिखाई देती हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि सारेगामा की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल म्यूजिक कैटलॉग है। आज के डिजिटल दौर में हर गाने के इस्तेमाल पर रॉयल्टी का महत्व बढ़ गया है और कंपनी के पास देश के सबसे बड़े म्यूजिक राइट्स कलेक्शन में से एक है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कंपनी के पास 70, 80 और 90 के दशक के गीतों का संग्रह ज्यादा है, जबकि मौजूदा समय में 2010 के बाद के नए गानों की मांग अधिक रहती है। इसी वजह से कंपनी लगातार नए म्यूजिक राइट्स हासिल करने पर भी काम कर रही है।

सारेगामा की कमाई केवल म्यूजिक रॉयल्टी तक सीमित नहीं है। कंपनी का कारोबार कारवां जैसे उत्पादों और इवेंट मैनेजमेंट से भी जुड़ा है, लेकिन इन दोनों व्यवसायों की आय हर तिमाही एक जैसी नहीं रहती। इसी कारण निवेशकों को इस कंपनी का मूल्यांकन तिमाही नतीजों के बजाय पूरे वित्त वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर करना चाहिए। उनका कहना है कि यह स्टॉक स्वभाव से काफी उतार-चढ़ाव वाला है, इसलिए इसमें तेज गिरावट और तेज उछाल दोनों देखने को मिल सकते हैं।

कंपनी की मैनेजमेंट क्वालिटी, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ पर कोई बड़ा सवाल नहीं है। इसलिए निवेशकों को पूरी तरह बाहर निकलने के बजाय रणनीतिक तरीके से निवेश करना चाहिए। यदि शेयर का वैल्यूएशन बहुत ऊंचा हो जाए तो कुछ मुनाफावसूली की जा सकती है, लेकिन पूरी होल्डिंग बेचने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, पोर्टफोलियो में ऐसे गुणवत्ता वाले शेयरों का एक हिस्सा लंबे समय के लिए और एक हिस्सा ट्रेडिंग के लिहाज से रखा जाए तो बेहतर रिटर्न हासिल किए जा सकते हैं।


(शेयर मंथन, 30 जून 2026)

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