कमजोर मानसून की आशंकाओं के बावजूद बाजार सेठी फिनमार्ट के एमडी विकास सेठी भारतीय शेयर बाजार को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं।
उनका कहना है कि जून के दौरान मानसून सामान्य से काफी कमजोर रहा, जिससे बाजार की चाल भी अपेक्षाकृत धीमी रही। विशेषज्ञ के अनुसार, यदि मानसून को लेकर इतनी चिंता नहीं होती, तो ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद बाजार में और तेज रैली देखने को मिल सकती थी। हालांकि अब मानसून की रफ्तार में सुधार आया है और बाजार पहले ही कमजोर मानसून की आशंका को काफी हद तक अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है। ऐसे में आगे मानसून सामान्य रहने पर बाजार को राहत मिल सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों को लेकर भी विशेषज्ञ का रुख सकारात्मक है। उनका मानना है कि ब्रेंट क्रूड करीब 75 डॉलर प्रति बैरल पर जरूर आ गया है, लेकिन अगर वैश्विक हालात सामान्य रहते हैं तो इसकी कीमत 65 डॉलर तक भी फिसल सकती है। इससे भारत जैसे तेल आयातक देश को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत और ईरान के बीच रियायती दरों पर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर कोई समझौता होता है, तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए यह एक बड़ा सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।
वह पूरे वित्त वर्ष के लिए बाजार पर बुलिश बने हुए हैं। उनके मुताबिक, बीच-बीच में बाजार में करेक्शन जरूर आएंगे, लेकिन लंबी अवधि का ट्रेंड सकारात्मक रहेगा। उनका अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक निफ्टी अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर को पार करते हुए नया ऑल टाइम हाई बना सकता है। उनका मानना है कि निवेशकों को बाजार की छोटी-मोटी गिरावट से घबराने के बजाय उसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
(शेयर मंथन, 02 जुलाई 2026)
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