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सेलो वर्ल्ड अच्छी कंपनी, लेकिन वैल्यूएशन क्यों बना सबसे बड़ा सवाल?

अफजल अंसारी जानना चाहते हैं कि उन्हें सेलो वर्ल्ड (Cello World) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि सेलो वर्ल्ड अपने सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है और करीब 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के साथ मजबूत बाजार उपस्थिति रखती है। कंपनी के बिजनेस मॉडल, ब्रांड और कैश फ्लो को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है। इसके बावजूद एक्सपर्ट फिलहाल इस शेयर को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी की ग्रोथ में आई सुस्ती और मौजूदा वैल्यूएशन है। कंपनी की सेल्स ग्रोथ पहले की तुलना में धीमी हुई है और मार्जिन पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनी की प्राइसिंग पावर कमजोर हुई है, जिसका असर शेयर के वैल्यूएशन पर भी पड़ना स्वाभाविक है।

एक्सपर्ट का कहना है कि कंपनी लगभग 24 के पी/ई मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है, जो मौजूदा 11-12% की ग्रोथ के मुकाबले थोड़ा महंगा दिखाई देता है। यदि यही वैल्यूएशन 20 के आसपास या उससे नीचे होता, तो इसे बेहतर निवेश अवसर माना जा सकता था। छह महीने के नजरिए से भी शेयर में अभी कोई मजबूत तेजी का संकेत नहीं दिख रहा है। हालांकि, शेयर ओवरसोल्ड स्थिति में है, इसलिए तकनीकी रूप से उछाल की संभावना बनी हुई है। लेकिन वास्तविक सकारात्मक ट्रेंड तभी माना जाएगा, जब शेयर 435 रुपये के ऊपर मजबूती से निकलकर टिके। जब तक ऐसा नहीं होता या कंपनी के नतीजों में स्पष्ट सुधार नहीं दिखता, तब तक इस शेयर में आक्रामक निवेश से बचने की सलाह दी जा रही है।


(शेयर मंथन, 06 जुलाई 2026)

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