शेयर मंथन में खोजें

एनजे इंडिया (NJ India) ने किया म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) लाइसेंस के लिए आवेदन

खबरों के अनुसार देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) वितरक एनजे इंडिया (NJ India) ने म्यूचुअल फंड लाइनेंस के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास आवेदन किया है।

खबर के मुताबिक एनजे इंडिया ने सेबी के पास 13 मार्च को ही आवेदन कर दिया था। इसके साथ ही 2019 की पहली तिमाही म्यूचुअल फंड लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों की संख्या तीन हो गयी। गौरतलब है कि कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग (Karvy Stock Broking) और श्रेई इन्फ्रा (SREI Infra) ने फरवरी में ही म्यूचुअल फंड लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया था।
इससे पहले 2018 में जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services), सैम्को सिक्योरिटीज (Samco Securities) और इक्विटी इंटेलिजेंस इंडिया (Equity Intelligence India) ने सेबी के पास म्यूचुअल फंड कारोबार शुरू करने के लिए आवेदन किया था। जबकि सेबी ने पिछले वर्ष ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स (Trust Investment Advisors) और मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) को म्यूचुअल फंड कारोबार शुरू करने के लिए हरी झंडी दिखायी थी।
सेबी के नियमानुसार म्यूचुअल फंड लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली कंपनी को वित्तीय सेवा कारोबार में पाँच साल पुराना होना चाहिए। म्यूचुअल फंड लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पाँच साल तक सकारात्मक शुद्ध संपत्ति होना भी जरूरी है। इसके अलावा कंपनी को पिछले पाँच साल में से तीन वर्षों और बीते साल में लाभ होना भी जरूरी है। (शेयर मंथन, 11 अप्रैल 2019)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख