यस बैंक (Yes Bank) को हुआ 18,564 करोड़ रुपये का घाटा

संकटग्रस्त यस बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिये हैं। वित्त वर्ष 2019-20 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यस बैंक (Yes Bank) को 18,564 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में यस बैंक को 1,001.8 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक को 600.08 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यस बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी (Net interest income) साल-दर-साल 60% की भारी गिरावट के साथ 1,064.78 करोड़ रुपये रही। इस दौरान यस बैंक का सकल एनपीए (GNPA) 40,709 करोड़ रुपये का रहा, जबकि जुलाई-सितंबर तिमाही में यह आँकड़ा 17,134 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान बैंक का नेट एनपीए (Net NPAs) 5.97% रहा, जो जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.35% रहा था। बैंक ने शनिवार देर रात बीएसई को भेजी गयी विज्ञप्ति में जानकारी दी कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इसने खराब कर्जों के लिए 24,766 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। जुलाई-सितंबर तिमाही में इस मद में प्रावधान 1,336 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2019-20 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में यस बैंक को 6.42 करोड़ रुपये का कामकाजी घाटा (Operating loss) हुआ। इससे पिछले साल की समान तिमाही में बैंक को 1,990.36 करोड़ रुपये का कामकाजी लाभ (Operating profit) हुआ था।
पिछले कुछ वर्षों में यस बैंक में गवर्नेंस से संबंधित कुछ गंभीर मामले देखे गये हैं। इस वजह से बैंक पूँजी उगाहने में अक्षम रहा है। इसके अलावा बैंक ने जिन कंपनियों को कर्ज दिया, उनमें से कई उसका कर्ज वापस चुका नहीं सकीं और बैंक की हालत बिगड़ती गयी। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक ने हालात को और न बिगड़ने देने के लिए पाँच मार्च को ही यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था और एसबीआई के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त कर दिया था। इसके बाद 14 मार्च को केंद्र सरकार ने इसके लिए चार सदस्यों के निदेशक मंडल का गठन कर दिया। बैंक के मौजूदा प्रशासक प्रशांत कुमार को यस बैंक का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है। यस बैंक की पुनर्गठन योजना के तहत एसबीआई के नेतृत्व में कई बैंकों का एक समूह यस बैंक में पूँजी निवेश कर रहा है।
बीएसई में यस बैंक का शेयर शुक्रवार को 0.50 रुपये या 2.00% की मजबूती के साथ 25.55 रुपये के भाव पर बंद हुआ था। इस भाव पर बैंक की बाजार पूँजी 6,516.46 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 285.90 रुपये और निचला स्तर 5.55 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 15 मार्च 2020)

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