शेयर मंथन में खोजें

केमकॉन स्पेशिलिटी केमिकल्स (Chemcon Speciality Chemicals) के शेयरों की आज होगी लिस्टिंग

केमकॉन स्पेशिलिटी केमिकल्स (Chemcon Speciality Chemicals) के आईपीओ के लिए निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया के बाद आज स्टॉक एक्सचेंजों पर इसके शेयरों को सूचीबद्ध किया जायेगा।

कंपनी ने शेयरों की सूचीबद्धता के लिए इसका इश्यू प्राइस 340 रुपये निश्चित किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी दायरे 340 रुपये पर सर्वाधिक बोलियाँ मिलने के कारण ऐसा किया गया है। कंपनी के शेयरों की सूचीबद्धता की तारीख एक अक्टूबर 2020 रखी गयी है।
इसके आईपीओ में आवेदन की समय सीमा खत्म होने तक खुदरा निवेशकों (Retail individual investors- RIIs) के लिए आरक्षित श्रेणी में 41.15 गुना, गैर संस्थागत निवेशकों (NIIs) की ओर से 449.14 गुना और पात्र संस्थागत खरीदारों (QIBs) की श्रेणी की ओर से 113.54 गुना आवेदन प्राप्त हुए। कुल मिला कर इसके लिए 149.30 गुना आवेदन आये थे।
साल 1988 में स्थापित केमकॉन स्पेशिलिटी केमिकल्स कुछ विशेष रासायनिक उत्पादों जैसे एचएमडीएस और सीएमआईसी का उत्पादन करती है। इसके उत्पाद भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जापान और रूस सहित कई देशों में भेजे जाते हैं। कंपनी के प्रवर्तकों की इसमे शेयरधारिता 100% थी, जो इस आईपीओ के बाद घट कर 74.47% रह जायेगी।
कंपनी ने कारोबारी साल 2019-20 में 488.53 करोड़ रुपये का कर-पश्चात-लाभ (Profit after tax) हासिल किया। इसके आईपीओ में 10 रुपये अंकित मूल्य वाले शेयरों के लिए प्राइस बैंड 338-340 रुपये रखा गया था। केमकॉन स्पेशिलिटी केमिकल्स का आईपीओ 21 सितंबर को खुल कर 23 सितंबर को बंद हुआ था। (शेयर मंथन, 01 अक्टूबर 2020)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख