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अब थक गयी है बाजार की यह चाल

राजीव रंजन झा : कल मैंने राग बाजारी में लिखा था, "आज सुबह-सुबह यह दोबारा 20,000 के ऊपर लौटने में सफल रहा है। 
अब इस मुकाम पर बाजार की चाल को लेकर काफी सावधान रहना चाहिए। सेंसेक्स के लिए 20,000 एक खास मनोवैज्ञानिक स्तर रहा है और कई बार यह इसके आसपास से ही पलटता रहा है।" कल सुबह सेंसेक्स 20,086 तक चढ़ पाया, लेकिन इसके बाद पलट गया। वहाँ से यह 19,596 तक फिसला, यानी दिन के ऊपरी स्तर से 490 अंक नीचे तक गिरा। बेशक, अंत में यह वापस सँभल कर सपाट हो गया, केवल 10 अंक की बढ़त दिखाते हुए। लेकिन निचले स्तरों से सँभलने के बावजूद इसने बाजार के थकने का संकेत दिया है। 
बाजार ने 28 अगस्त की तलहटी 5119 के बाद से ही काफी तेज रफ्तार से छलाँग लगायी थी, लेकिन 10 सितंबर के बाद से यह मोटे तौर पर 5800-5950 के बीच 150 अंक के दायरे में अटकता दिख रहा है। ऐसे में अगर आज यह 5800 के नीचे फिसल गया तो यह बाजार की चाल पलटने का संकेत बन सकता है। बेशक इस बात की पुष्टि होने के लिए जरूरी होगा कि यह कम-से-कम 5760 के नीचे जाये। उससे थोड़ा नीचे ही 10 सितंबर को 5738-5687 के दायरे में बना ऊपरी अंतराल (राइजिंग गैप) भी है, जो एक सहारे का काम कर सकता है। इससे थोड़ा नीचे जायें तो अगला सहारा 5635 के पास होगा। इसके नीचे जाना तो बाजार की पूरी मौजूदा चाल के लिए खतरनाक होगा। लेकिन अगर सिर्फ आज या एक-दो दिनों की बात करें तो 5800 के नीचे जाना निफ्टी के लिए चाल टूटने का साफ संकेत बनेगा। 
बड़े दिलचस्प ढंग से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों के दैनिक चार्ट पर कल बनी कैंडल ने पिछले तीन सत्रों के उतार-चढ़ाव को अपने दायरे के अंदर समेट लिया। इन चार दिनों में बाजार ने एक दायरे के भीतर ही बार-बार दिशा बदली है। साथ ही एक दिन यह पिछली कैंडल को नयी कैंडल अपने दायरे में समेटती दिखी तो अगले दिन नयी कैंडल पिछली कैंडल के दायरे के अंदर सिमट गयी। बार-बार कैंडल का रंग बदल रहा है, एक दिन लाल तो अगले दिन हरी। जरा देखिए, निफ्टी का दायरा 11 सितंबर को 5925-5833 का रहा। यह हरी कैंडल थी। अगले दिन 12 सितंबर को निफ्टी का दायरा फैल कर 5932-5816 का हो गया, यानी पिछली कैंडल पूरी तरह इसके अंदर रही। यह लाल कैंडल थी। अगली कैंडल हरी बनी और इसका दायरा 5884-5823 पूरी तरह पिछली कैंडल के अंदर रहा। कल लाल कैंडल बनी और इसने न केवल पिछली कैंडल को, बल्कि पिछली तीन कैंडलों को अपने दायरे में ले लिया। 
इस अदला-बदली का मतलब क्या है? एक सीथा मतलब यह है कि अब और ऊपर जाने में बाजार हिचक रहा है, यानी बाजार की चाल थकी है। लेकिन कल तक की स्थिति देख कर यह पक्के भरोसे से कहना मुश्किल होगा कि बाजार ने वापस पलटने का मन बना लिया है। ऐसा मानने का एक ठोस कारण तभी मिलेगा, जब निफ्टी 5800 के नीचे जाने लगेगा। 
लेकिन अगर निफ्टी को 6000-6050 छूने का लक्ष्य पूरा करना है, तो इसके लिए जरूरी होगा कि यह 5800 के नीचे जाने के बदले 5880 पार करके टिकता दिखे। इसके 5880 पार करने पर 5950 को फिर से छूना तो स्वाभाविक होगा ही, 6000-6050 तक जाने की भी गुंजाइश फिर से बन जायेगी। Rajeev Ranjan Jha
(शेयर मंथन, 17 सितंबर 2013)

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