शेयर मंथन में खोजें

News

Select a news topic from the list below, then select a news article to read.

रविवार 04 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

मुंबई के एक परिवार के चार सदस्‍यों की ओर से की गयी दो लाख करोड़ रुपये की आय की घोषणा को सरकार ने खारिज कर दिया है। वित्‍त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने कहा है कि इस मामले की पूरी जाँच होगी।

शनिवार 03 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के आर्थिक अनुसंधान विभाग की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगने के बाद करीब ढाई लाख करोड़ रुपये बैंकिंग प्रणाली में वापस नहीं लौटेंगे।

शुक्रवार 02 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक और सीईओ के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। वरिष्ठ कार्यकारी जे रविचंद्रन को प्रबंध निदेशक और सीईओ का अंतरिम प्रभार दिया गया है।

गुरुवार 01 दिसंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वित्‍त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने स्पष्ट किया है कि आय कर कानून में हुए बदलाव सोने के ऐसे आभूषणों पर लागू नहीं होंगे जो घोषित आय या खेती से हुई आमदनी से खरीदे गये हैं।

बुधवार 30 नवंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खुले लगभग 26 करोड़ बैंक खातों से पैसा निकालने की सीमा निश्चित कर दी है। अगली सूचना तक अब इन खातों से एक महीने में अधिकतम 10,000 रुपये की निकासी की जा सकती है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख