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खुलते ही भर गया मोबिक्विक का आईपीओ, एंकर निवेशकों से मिले 257 करोड़

वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों की शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। बुधवार (11 दिसंबर) को निर्गम खुलने के बाद चंद घंटे में ही पूरी तरह से भर गया। उससे पहले वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी ने एंकर निवेशकों से 257 करोड़ रुपये जुटाये।

आईजीआई के आईपीओ की ग्रे मार्केट में धूम, निवेशक शुक्रवार से लगा सकेंगे पैसे

इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टिट्यूट (इंडिया) लिमिटेड (आईजीआई) का आईपीओ 13 दिसंबर (शुक्रवार) को खुलने वाला है, जिसमें 17 दिसंबर तक पैसे लगाये जा सकेंगे। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 397 रुपये से 417 रुपये प्रति शेयर तय कर दिया गया है। इस आईपीओ के लिए न्यूनतम लॉट साइज 35 शेयरों का है और खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए 14,595 रुपये लगाने होंगे।

बीमा सखी योजना : महिलाओं को घर बैठे आत्मनिर्भर बनाने की एक पहल

केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए एक नयी योजना शुरू करने की घोषणा की है। बीमा सखी नम की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की महिलाओं को सशक्त करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 दिसंबर को हरियाणा के पानीपत से इस योजना का शुभारंभ करेंगे।

RBI ने रेपो दर में नहीं किया कोई बदलाव, महँगे लोन से फिलहाल राहत नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार 11वीं बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 6.50% पर बरकरार रखा है। मौद्रिक नीति समिति की शुक्रवार (06 दिसंबर)  को हुई बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने 4-2 के बहुमत के साथ अपने रुख को तटस्थ रखने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मूल्य स्थिरता समाज के सभी वर्गों के लिए महत्वपूर्ण है। 

भारत की अर्थव्यवस्था में अनुमान से कम वृद्धि, दूसरी तिमाही में 5.4% रही जीडीपी

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2024-25 की सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में अनुमान से काफी कम 5.4% रही। यह जानकारी शुक्रवार (29 नवंबर) को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आँकड़ों से मिली है। यह 6.5 प्रतिशत के सर्वसम्मत अनुमान से काफी कम है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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