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बाजार की उठापटक में निवेशक क्या करें? जानिए एक्सपर्ट की राय

शेयर बाजार में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। रोज़ाना होने वाली तेज़ उठापटक ने ट्रेडर्स और निवेशकों दोनों को असमंजस में डाल दिया है। कई निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या बाजार ने अपना निचला स्तर यानी बॉटम बना लिया है या अभी और गिरावट बाकी है।

अविनाश मेंटर रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि बाजार का बिल्कुल सटीक बॉटम पकड़ पाना बेहद मुश्किल होता है और बहुत कम निवेशक ही ऐसा कर पाते हैं। इसलिए मौजूदा समय को डरने के बजाय अवसर की तरह देखने की जरूरत है। जब बाजार में युद्ध या वैश्विक तनाव जैसी परिस्थितियां बनती हैं, तब अच्छी कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर मिलने लगते हैं। इतिहास गवाह है कि यदि किसी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत हो, तो बाजार अंततः उसे पहचानता और सम्मान देता है, चाहे माहौल कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो। इसी वजह से निवेशकों को क्वालिटी स्टॉक्स पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर ऑटो, स्टील, सीमेंट, हॉस्पिटल और होटल जैसे घरेलू मांग आधारित सेक्टर्स में कई मजबूत कंपनियां लंबे समय के लिए बेहतर अवसर देती दिखाई दे रही हैं।

हालांकि विशेषज्ञ एक साथ बड़ी रकम लगाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से यानी टुकड़ों में निवेश करना चाहिए। यदि किसी के पास निवेश के लिए ₹100 हैं, तो वह पहले ₹20-25 लगाएं और बाकी रकम धीरे-धीरे बाजार की चाल देखकर निवेश करें। क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि बाजार और कितना नीचे जा सकता है। ऐसे समय में SIP और नियमित निवेश की रणनीति ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है।

बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि मौजूदा युद्ध या वैश्विक तनाव लंबे समय तक नहीं चलेगा। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, बाजार का फोकस फिर से भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और प्राइवेट कैपेक्स पर लौट आएगा। हाल के दिनों में कई बैंक, सीमेंट और हॉस्पिटल कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जो यह संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। हालांकि कुछ कंपनियों, जैसे मारुति, के तिमाही नतीजे थोड़े कमजोर रहे, लेकिन वहां भी मैनेजमेंट ने भविष्य के लिए बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ का भरोसा जताया है।

ऐसे में यह समय घबराने का नहीं बल्कि धैर्य और समझदारी के साथ निवेश करने का है। लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत कंपनियों में धीरे-धीरे निवेश करना आने वाले समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है।

(शेयर मंथन, 04 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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