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युद्ध तनाव के बीच सोना-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आगे क्या होने की उम्मीद है?

वैश्विक बाजार में सोने-चाँदी की कीमतों में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 5200 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी लगभग 89 डॉलर के स्तर पर बनी हुई है।

गिरावट में खरीदारी का मौका, जानें किन सेक्टरों में दिख रहे मजबूत अवसर?

मौजूदा बाजार माहौल में निवेशकों को खरीदारी वाला नजरिया बनाए रखना चाहिए, क्योंकि कई सेक्टरों में करेक्शन के बाद अच्छे अवसर बनते दिख रहे हैं।

एक्सपर्ट से जानें भारती एयरटेल शेयर का टारगेट अनुमान क्या हो सकता है?

बीसी पांडे जानना चाहते हैं कि उन्हें भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, आईसीआईआईसीआई सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

केन्स टेक्नोलॉजी में करेक्शन के बाद निवेश का मौका? जानें पंकज पांडेय की राय

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर की प्रमुख कंपनी केन्स टेक्नोलॉजी को लेकर निवेशकों में हाल के करेक्शन के बाद फिर से दिलचस्पी बढ़ रही है। एक निवेशक ने इस शेयर में करीब 53 शेयर लगभग 5218 रुपये के भाव पर खरीदे हैं और अब मौजूदा गिरावट के बीच आगे की रणनीति को लेकर सवाल कर रहे हैं।

कच्चे तेल की तेजी से बाजार में घबराहट, पंकज पांडेय से जानें सेंसेक्स-निफ्टी का विश्लेषण

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आयी तेज बढ़त का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव अचानक लगभग 120 डॉलर के आसपास पहुँचने से निवेशकों में घबराहट बढ़ गयी है, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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