शेयर मंथन में खोजें

लंबी अवधि का निवेश करने वाले फायदे में

राजेश सतपुते
तकनीकी-डेरिवेटिव रिसर्च प्रमुख, मनीलिशियस
साल 2017 में बाजार एक सीमित दायरे में रहेगा, और विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन उनके बुनियादी पहलुओं एवं वृद्धि की संभावनाओं पर ही निर्भर रहेगा।

आगे चल कर बाजार में सटोरियों को नुकसान उठाना पड़ेगा, जबकि लंबी अवधि का नजरिया रख कर निवेश करने वालों को अच्छा पुरस्कार मिलेगा। अभी बाजार का सबसे ज्यादा ध्यान नोटबंदी के असर, कमजोर तिमाही नतीजे, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और वहाँ डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के परिणामों पर है। वहीं जीएसटी लागू होना सकारात्मक होगा।
नोटबंदी के चलते अगली दो तिमाहियों में ठीक पिछली तिमाही से कमजोर नतीजे आयेंगे, जिससे बाजार में गिरावट आयेगी। साल 2017 में निफ्टी नीचे 7,200 से लेकर ऊपर 9,600 के काफी बड़े दायरे में उठापटक कर रह सका है। इस साल दवा, आईटी और एफएमसीजी शेयर तेज रहेंगे, जबकि रियल एस्टेट और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में कमजोरी रहेगी। नये साल में मेरे पाँच पसंदीदा शेयर हैं रिलायंस, सिप्ला, सीमेंस, विप्रो और ऐक्सिस बैंक। (शेयर मंथन, 05 जनवरी 2017)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख