शेयर बाजार को लेकर ट्रेंड रिपोर्टर हितेंद्र वासुदेव का नजरिया तकनीकी स्तरों और दीर्घकालिक बुनियादी मजबूती के मिश्रण पर आधारित है।
ट्रेंड रिपोर्टर हितेंद्र वासुदेव का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक मजबूती के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। हालाँकि अहम तकनीकी स्तरों के ऊपर टिकाव भारतीय बाजार के लिए अगले चरण की तेजी का रास्ता खोल सकता है।
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हितेंद्र वासुदेव के अनुमान |
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सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026) |
90,444 |
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निफ्टी लक्ष्य (जून 2026) |
27,722 |
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सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
95,668 |
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निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026) |
29,315 |
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2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
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2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.) |
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2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि |
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2025-26 में जीडीपी वृद्धि |
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2026-27 में जीडीपी वृद्धि |
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अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर |
95-99 |
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अमेरिका से ट्रेड डील कब तक |
जून 2026 |
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सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा |
2026 |
वासुदेव के अनुसार, मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पक्ष मजबूत घरेलू बुनियादी कारक, संरचनात्मक सुधार और डिजिटल व विनिर्माण विस्तार है। वहीं वैश्विक अनिश्चितता को वे सबसे बड़ा नकारात्मक जोखिम मानते हैं। उनका मानना है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजारों की चाल वैश्विक बाजारों के अनुरूप ही रह सकती है।
आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में वे अमेरिकी शुल्क, भारत की जीडीपी वृद्धि दर और तिमाही नतीजों को मानते हैं। अमेरिकी शुल्कों का असर वे भारतीय बाजारों के लिए हल्का नकारात्मक मानते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जून 2026 तक पूरा होने की संभावना जताते हैं।
आगामी आम बजट 2026-27 से उनकी अपेक्षाओं में जीएसटी और शुल्क को तर्कसंगत बनाना, बुनियादी ढाँचे में पूँजीगत व्यय की निरंतरता, कारोबार सुगमता से जुड़े सुधार और कृत्रिम मेधा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष तथा नवाचार में निवेश शामिल हैं। हालाँकि बजट का बाजार पर प्रभाव वे सीमित मानते हैं।
तकनीकी दृष्टि से हितेंद्र वासुदेव का कहना है कि सेंसेक्स के लिए 85,900-86,200 का स्तर अहम प्रतिरोध है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट कर बंद होने में सफल रहता है, तो 2026 के दौरान तेजी का क्रम जारी रह सकता है और सेंसेक्स में 90,444 तथा आगे चलकर 1,05,178 तक के स्तर भी देखे जा सकते हैं।
अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर
तेजी वाले क्षेत्र : ऊर्जा एवं ऊर्जा संक्रमण, बिजली, रक्षा एवं एयरोस्पेस, पूँजीगत वस्तुएँ, अवसंरचना, विनिर्माण एवं पीएलआई से जुड़े क्षेत्र, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएँ
कमजोर क्षेत्र : बड़े आईटी और एफएमसीजी
(शेयर मंथन, 21 जनवरी 2026)