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अनिल मंघनानी का अनुमान- दिसंबर 2026 तक बड़ी गिरावट की आशंका?

शेयर बाजार को लेकर मॉडर्न शेयर्स के निदेशक अनिल मंघनानी का नजरिया आने वाले महीनों में दो चरणों में बँटा हुआ दिखता है।

अनिल मंघनानी का मानना है कि चालू वर्ष की पहली तिमाही में बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिल सकती है, लेकिन उसके बाद वैश्विक स्तर पर संभावित सुधार का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार, जून 2026 के अंत तक सेंसेक्स 85,800 और निफ्टी 26,300 के स्तर तक पहुँच सकता है। हालाँकि अगले 12 महीनों के लिए उनका आकलन काफी सतर्क है। दिसंबर 2026 तक वे सेंसेक्स को 72,000 और निफ्टी को 21,700 के स्तर पर देखते हैं।

अनिल मंघनानी के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

85,800

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

26,300

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

72,000

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

21,700

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

 

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

 

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

 

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

 

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

 

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

91-95

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

मार्च 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2030

कॉरपोरेट आय को लेकर अनिल मंघनानी किसी ठोस अनुमान से फिलहाल बचते नजर आते हैं और उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में कमाई की दिशा स्पष्ट रूप से कहना कठिन है। वैश्विक बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार को लेकर उनका मानना है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजारों की चाल वैश्विक बाजारों के अनुरूप ही रह सकती है। आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में वे अमेरिकी शुल्क, महँगाई और ब्याज दरों के रुख तथा भू-राजनीतिक घटनाक्रम को मानते हैं।

अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों का असर वे भारतीय बाजारों के लिए हल्का नकारात्मक मानते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक अंतिम रूप लेने की संभावना जताते हैं। आगामी आम बजट 2026-27 को लेकर उनका मानना है कि इसका असर बाजार पर हल्का सकारात्मक हो सकता है। वैश्विक स्तर पर अगले छह महीनों में भू-राजनीतिक तनाव और महँगाई से जुड़े घटनाक्रम भारतीय बाजारों को सबसे अधिक प्रभावित कर सकते हैं। डॉलर-रुपया विनिमय दर के बारे में अनिल मंघनानी का अनुमान है कि अगले छह महीनों में डॉलर 91 से 95 रुपये के दायरे तक रह सकता है।

(शेयर मंथन, 21 जनवरी 2026)

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