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आईपीओ की बाढ़ में चयन सबसे अहम, बाजार का आउटलुक मजबूत : कृष सुब्रमण्यम

पिछले दो वर्षों में आईपीओ की तेज रफ्तार और बाजार में बढ़ती भागीदारी के बीच निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही शेयर चुनने की है।

स्टॉकमसाला डॉट कॉम से जुड़े निवेश सलाहकार कृष सुब्रमण्यम का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का समग्र परिदृश्य मजबूत बना हुआ है, लेकिन इस दौर में अंधाधुंध खरीदारी की जगह चयनात्मक रणनीति ही बेहतर नतीजे दे सकती है। 

कृष सुब्रमण्यम के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

85,800

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

26,800

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

86,500

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

26,900

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1000

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

1100

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

10-20%

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

7.4%

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

7.8%

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

88-91

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

जून 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2030

उनके अनुसार, अभी भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सहारा घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, अपेक्षाकृत कम ब्याज दरें और जीएसटी में संभावित राहत हैं। इसके उलट, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, रुपये में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। वैश्विक बाजारों की तुलना में कृष सुब्रमण्यम अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार को बेहतर प्रदर्शन करने वाला मानते हैं।

आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में वे तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक स्थिति, भू-राजनीति और आम बजट 2026-27 को गिनाते हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्कों का असर वे भारतीय बाजार पर हल्का नकारात्मक मानते हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताते हैं।
आगामी आम बजट से उनकी प्रमुख अपेक्षाओं में नकद बाजार में एसटीटी में कमी और दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक पूँजीगत लाभ कर की संरचना को सरल बनाना शामिल है। उनके अनुसार बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक रह सकता है। ब्याज दरों को लेकर उनका मानना है कि फिलहाल अमेरिका और भारत दोनों में दरों में बड़ी कटौती की गुंजाइश सीमित है। उनका कहना है कि पूँजी बाजारों के जरिये जुटायी जा रही बड़ी रकम के चलते आने वाले समय में निजी निवेश में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

वैश्विक स्तर पर अगले छह महीनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम सबसे बड़ा अनिश्चितता का स्रोत बने रह सकते हैं। विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर कृष सुब्रमण्यम का मानना है कि एफपीआई और एफडीआई दोनों के लिए परिदृश्य अनुकूल रह सकता है।

अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर

तेजी वाले क्षेत्र : सीमेंट, वाहन सहायक उद्योग, दवा, धातु और बैंकिंग

कमजोर क्षेत्र : बिजली

5 पसंदीदा शेयर : इंडस टावर, यस बैंक, एनएमडीसी, वेदांता और एबी कैपिटल

(शेयर मंथन, 21 जनवरी 2026)

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