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ट्यूब इन्वेस्टमेंट की सब्सिडियरी की 3000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना

ट्यूब इन्वेस्टमेंट इंडिया की सब्सिडियरी की फंड जुटाने की योजना है। कंपनी की सब्सिडियरी टीआई (TI) क्लीन मोबिलिटी की 3000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। कंपनी की यह रकम मार्च 2024 तक जुटाने की योजना है।

 कंपनी जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बिजली से चलने वाली गाड़ियों के कारोबार के लिए करेगी। ट्यूब इन्वेस्टमेंट इंडिया ने इस कारोबार में 639 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही कर चुकी है।टीआई (TI) क्लीन मोबिलिटी यानी टीआईसीएम (TICM) का फोकस बिजली से चलने वाली तिपहिया गाड़ियों के उत्पादन और बिक्री पर है। कंपनी बिजली से चलने वाली ई-ट्रैक्टर्स का भी उत्पादन और बिक्री कारोबार में है। कंपनी सब्सिडियरीज के जरिए बिजली से चलने वाली भारी व्यावसायिक वाहनों के कारोबार में है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फंड जुटाने के लिए कई निवेशकों से साथ तय शर्तों के साथ समझौता किया है। कंपनी ने टीआईआई, मल्टीपल प्राइवेट इक्विटी फंड-III, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अलावा दूसरे निवेशकों के साथ चर्चा की है। कंपनी करीब 1950 करोड़ रुपये इक्विटी और कंपल्सरी कनवर्टेड प्रेफरेंशियल शेयर (CCPS) के जरिए जुटाएगी। मल्टीपल प्राइवेट इक्विटी फंड-III, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से करीब 1200 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं टीआईई (TII) की ओर से करीब 750 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिसमें से कंपनी पहले ही 639 करोड़ रुपये इक्विटी और आईसीडी (ICD) के जरिए निवेश कर चुकी है। इसके अलावा टीआईसीपी (TICP) की मार्च 2024 अंत तक 1050 करोड़ रुपये अतिरिक्त फंड जुटाने की योजना है। इस फंड के बाद कुल रकम बढ़कर 3000 करोड़ रुपये हो जाएगी। टीआईसीएमपीएल (TICMPL) का फोकस ईवी (EV) के प्रोडक्टिव सेगमेंट यानी थ्री व्हीलर्स और कमर्शियल गाड़ियों पर है।टीआईआई (TII) और टीआईसीएमपीएल (TICMPL) के अध्यक्ष एम ए एम अरुणाचलम ने कहा कि, निवेशकों की ओर से कंपनी पर भरोसा जताने से कंपनी ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक तरीके से कारोबार को आगे बढ़ाएगी। ट्यूब इन्वेस्टमेंट इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष एस वेलायन ने कहा कि, कंपनी 2030 तक बिजली से चलने वाली गाड़ियों की संख्या 30 फीसदी करने की दिशा मेंअहम भूमिका अदा करेगी।

 (शेयर मंथन 25 फरवरी, 2023)

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