शेयर मंथन में खोजें

दक्षिण अफ्रीका की कंपनी एक्टर फार्मा का अधिग्रहण करेगी सिप्ला

दवा कंपनी सिप्ला का फोकस कारोबार विस्तार पर है। इसी कड़ी में कंपनी की सब्सिडियरी ने दक्षिण अफ्रीका की कंपनी एक्टर फार्मा का अधिग्रहण करेगी। सिप्ला की दक्षिण अफ्रीकी सब्सिडियरी सिप्ला मेडप्रो (Cipla Medpro) एक्टर फार्मा का 100 फीसदी अधिग्रहण करेगी।

सब्सिडियरी ने अधिग्रहण के लिए एक्टर होल्डिंग्स के साथ बाइंडिंग टर्म शीटर पर हस्ताक्षर किया है। कंपनी की ओर से यह अधिग्रहण उसकी उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके तहत ओवर द काउंटर (OTC) कारोबार में निवेश को बढ़ावा देना है। कंपनी की दक्षिण अफ्रीका के अग्रणी कंपनियों में शामिल होने का एक प्रयास है। कंपनी की ओर से यह रणनीतिक अधिग्रहण भविष्य में वृद्धि को लेकर छिपी संभावनाओं को भुनाने के साथ दक्षिण अफ्रीकी बाजार में लागत को लेकर तालमेल बिठाना है। एक्टर फार्मा का गठन 2009 में हुआ था। कंपनी कुछ ही समय में ओटीसी कारोबार में दक्षिण अफ्रीका की 5वीं सबसे बड़ी निजी कंपनी बन गई। कंपनी का कारोबार मुख्य रुप से ओटीसी, जेनरिक कारोबार में है। कंपनी का मजबूत कंज्यूमर ब्रांड होने के साथ बढ़िया प्रेस्क्रिप्शन मार्केट भी है। इसमें महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित दवाओं के अलावा नैजल, कफ, कोल्ड और बेबी ब्रांड्स से जुड़ी दवाएं शामिल हैं। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की आय करीब 100 करोड़ रुपये थी। सिप्ला का शेयर बीएसई पर 1.46% चढ़ कर 1256.65 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। 

(शेयर मंथन, 6 सितंबर 2023)

 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख