शेयर मंथन में खोजें

दूसरी तिमाही के दमदार अपडेट से कल्याण ज्वैलर्स में शानदार तेजी

ज्वैलरी कंपनी कल्याण ज्वैलर्स ने दूसरी तिमाही के अपडेट जारी किए हैं। कंपनी के भारतीय कारोबार से आय में सालाना वृद्धि 32 फीसदी की देखने को मिली है। कंपनी की आय में बढ़ोतरी का कारण जबरदस्त फुटफॉल और गैर दक्षिणी बाजारों में मजबूत वृद्धि रहा है।

 कंसोलिडिटेड आधार पर कंपनी की आय में 27 फीसदी की वृद्धि हुई है। खास बात यह रही कि दूसरी तिमाही में "अधिकमास" होने के बावजूद वृद्धि देखने को मिली। अधिकमास तीन साल में आने वाली एक घटना है जो जुलाई के तीसरे हफ्ते से लेकर अगस्त के तीसरे हफ्ते तक रहता है।

एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि गैर दक्षिणी बाजार में आय में वृद्धि की वजह पिछले 12 महीनों में खोले गए नए स्टोर्स हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी ने गैर दक्षिणी बाजार में 13 ने कल्याण स्टोर्स खोले हैं। इसके साथ ही कंपनी की 26 और नए स्टोर्स खोलने की योजना है। कंपनी ने पहले ही दीवाली तक 51 नए स्टोर्स खोलने का ऐलान किया था। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी की आय में 29% की वृद्धि हुई है। वहीं भारतीय कारोबार में 33 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। शोरुम लेवल पर कंपनी का ग्रॉस मार्जिन स्थिर रहा है। जैसा की कंपनी को उम्मीद थी कि फ्रेंचाइजी शोरुम से होने वाली आय की हिस्सेदारी अधिक थी। तिमाही आधार पर ग्रॉस मार्जिन में कमी देखने को मिली है। कंपनी का शेयर अभी तक 2023 में दोगुना हो गया है। वहीं पिछले 12 महीनों में कंपनी के शेयर में 150 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मजबूत तिमाही अपडेट से कंपनी का शेयर रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद हुआ। कल्याण ज्वैलर्स का शेयर बीएसई पर 10.18% चढ़ कर बंद हुआ।

 

(शेयर मंथन, 08 अक्टूबर 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख