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कंपनियों की सुर्खियाँ

चौथी तिमाही में एचयूएल का मुनाफा 10 फीसदी बढ़ा

एफएमसीजी (FMCG) की दिग्गज कंपनी हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा स्टैंडअलोन आधार पर 2327 करोड़ रुपये से बढ़कर 2550 करोड़ रुपये रहा है। वहीं स्टैंडअलोन आय 13,462 करोड़ रुपये से बढ़कर 14893 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 43 फीसदी बढ़ा

देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का मुनाफा 1839 करोड़ रुपये से बढ़कर 2623 करोड़ रुपये रहा है।

चौथी तिमाही में एचडीएफसी (HDFC) लाइफ का मुनाफा सपाट रहा

निजी क्षेत्र की लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एचडीएफसी (HDFC) लाइफ ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किये हैं। कंपनी का मुनाफा 358.66 करोड़ रुपये पर करीब फ्लैट यानी बिना बदलाव के रहा है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 357.52 करोड़ रुपये था।

2023 की पहली तिमाही में नेस्ले का मुनाफा 24.7 फीसदी बढ़ा

एफएमसीजी (FMCG) की दिग्गज कंपनी नेस्ले ने 2023 के पहती तिमाही के नतीजे जारी किये हैं। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 24.7 फीसदी बढ़ा है। कंपनी का कंसो मुनाफा 595 करोड़ रुपये से बढ़कर 740 करोड़ रुपये हो गया है। नेस्ले इंडिया के अध्यक्ष सुरेश नारायणन ने कहा कि वॉल्यूम में वृद्धि के अलावा कीमतों में बढ़ोतरी से मुनाफे को सहारा मिला है।

जायडस लाइफसाइंसेज को यूएसएफडीए से दवा को अंतिम मंजूरी

जायडस लाइफसाइंसेज को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) से दवा की बिक्री के लिए अंतिम मंजूरी मिली है। कंपनी को Metronidazole Topical Cream यानी मेट्रोनिडाजोल टॉपिकल क्रीम के लिए यूएसएफडीए से अंतिम मंजूरी मिली है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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