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तीसरी तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प का मुनाफा 4 फीसदी बढ़ा

दोपहिया बनाने वाली नामी कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के स्टैंडअलोन मुनाफे में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का मुनाफा 686 करोड़ रुपये से बढ़कर 711 करोड़ रुपये हो गया है।

तीसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आई टाटा स्टील

 टाटा स्टील ने तीसरी तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी तीसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आ गई है। कंपनी ने 9573 करोड़ रुपये मुनाफे के मुकाबले 2224 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा दर्ज किया है।

एसबीआई (SBI) का तीसरी तिमाही में मुनाफा 68.5 फीसदी बढ़ा

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) यानी एसबीआई का तीसरी तिमाही में मुनाफा स्टैंडअलोन आधार पर 68.5 फीसदी बढ़ा है। बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा 8431.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 14205.3 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बैंक का एनआईआई (NII) यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) में 24.1% की बढ़ोतरी हुई है।

हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट बैन करने का नहीं है कोई मतलब : बसंत माहेश्वरी

अदाणी समूह पर हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद जल्द शांत होता नजर नहीं आ रहा है। इस रिपोर्ट ने देश के सियासी हलकों और अर्थ जगत में हलचल मचा दी है। बाजार के जानकार बसंत माहेश्वरी का कहना है कि हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को भारत में प्रतिबंधित बैन करने का कोई मतलब नहीं बनता है। ऐसी सलाह देने वाले लोग इस मसले की गहराई से अनभिज्ञ हैं।

तीसरी तिमाही में यूपीएल का मुनाफा 16.13 फीसदी बढ़ा

कृषि उत्पाद और इससे जुड़े समाधान मुहैया कराने वाली कंपनी यूपीएल (UPL) यानी यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड ने तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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