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कंपनियों की सुर्खियाँ

जायडस लाइफसाइंसेज की दवा को यूएसएफडीए से अंतिम मंजूरी

दवा कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज को अमेरिकी हेल्थ रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) से दवा को अंतिम मंजूरी मिली है। कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि इस दवा का इस्तेमाल खून में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने पर किया जाता है।

अमेरिकी कंपनी अदारा इंक (Adara Inc) का अधिग्रहण करेगी रेटगेन ट्रैवल

सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस (SaaS) कंपनी रेटगेन ट्रैवल की अधिग्रहण की योजना है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी में अमेरिकी कंपनी के अधिग्रहण के बारे में कहा गया है। यह एक ग्राहकों से जुड़ा एक इंटेलीजेंस फर्म है जिसका नाम अदारा इंक (Adara Inc) है।

बीएसई का एसएमई के लिए गोवा सरकार से करार

देश के नामी स्टॉक एक्सचेंज बीएसई (BSE) यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने गोवा सरकार के साथ हाथ मिलाया है। बीएसई ने गोवा सरकार के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। बीएसई ने यह करार गोवा राज्य के स्मॉल, मीडियम एंटरप्राइजेज यानी एसएमई (SMEs) के विकास के लिए किया है।

जायडस लाइफसाइंसेज की अमेरिकी सब्सिडियरी ने नई दवा को बाजार में उतारा

दवा कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज ने अमेरिकी बाजार में एक नई दवा को उतारा है। इस दवा का इस्तेमाल मिर्गी के इलाज में किया जाता है। यह दवा टोपिरामेट (Topiramate) एक्सटेंडेड रिलीज (ER) का जेनरिक संस्करण है।

स्मार्ट मीटर कारोबार के लिए अदाणी ट्रांसमिशन ने किया नई सब्सिडियरी का गठन

अदाणी ट्रांसमिशन ने एक नई सब्सिडियरी के गठन का ऐलान किया है। कंपनी ने यह सब्सिडियरी स्मार्ट मीटर कारोबार के लिए गठित किया है। कंपनी ने इसका नाम बीईएसटी (BEST) स्मार्ट मीटरिंग लिमिटेड यानी बीएसएमएल (BSML) रखा है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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