शेयर मंथन में खोजें

News

ईपीएफओ बनायेगा रिजर्व फंड! अब ज्यादा सुरक्षित होगा आपके पीएफ का पैसा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने करोड़ों सदस्यों को जल्द ही खुशखबरी दे सकता है। सरकार ईपीएफओ के लिए एक 'ब्याज स्थिरीकरण रिजर्व फंड' शुरू करने पर विचार कर रही है, जिसका मकसद ईपीएफओ सदस्यों को उनके पीएफ योगदान पर स्थिर ब्याज दर देना होगा। वर्तमान समय में ईपीएफओ के 6.5 करोड़ से अधिक सदस्य हैं।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार तीसरे सप्ताह इजाफा, पाकिस्तान का भंडार हुआ कम

लगातार तीसरे सप्ताह भारत के देशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीई) के ताजा आँकड़ों के मुताबिक, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.6 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 638 अरब डॉलर हो गया है। इससे पहले, 31 जनवरी तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 630.6 अरब डॉलर था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल सितंबर महीने में 704.88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था।

टैरिफ, F-35 से लेकर अवैध भारतीय प्रवासियों तक... मोदी-ट्रंप की मुलाकात कैसी रही?

प्रधानमंत्री मोदी की बहुप्रतीक्षित अमेरिकी यात्रा पूरी हो चुकी है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात भी हुई, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। 

बाजार की गिरावट से हैं परेशान? निप्पॉन का यह नया फंड दिलायेगा मोमेंटम का फायदा

शेयर बाजार में जारी गिरावट से जहाँ आम निवेशक सहमा हुआ है, वहीं निप्पॉन इंडिया ने निप्पॉन इंडिया ऐक्टिव मोमेंटम फंड नाम से नयी योजना पेश की है। इसके नये फंड ऑफर (NFO) में आवेदन (subscription) 10 फरवरी से शुरू हो चुका है और निवेशक आगामी 24 फरवरी तक इस एनएफओ में पैसा लगा सकते हैं। इसके बाद 6 मार्च से यह  निरंतर बिक्री और पुन: खरीद (रिपरचेज) के लिए खुल जायेगा।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख