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जे.कुमार इन्फ्रा (J.Kumar Infra) को 322.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें : एसएमसी ग्लोबल (SMC Global)

एसएमसी ग्लोबल ने जे.कुमार इन्फ्रा (J.Kumar Infra) के शेयर के लिए 8-10 महीने की अवधि में 322.00 रुपये का लक्ष्य भाव दिया है।

यह लक्ष्य भाव कंपनी के मौजूदा शेयर भाव से 27% ज्यादा है। एसएमसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2017-18 में जे.कुमार इन्फ्रा की प्रति शेयर आय (EPS) 18.04 रुपये होगी, जिस पर 17.86 के पीई अनुपात के मूल्यांकन पर इसने 32.00 रुपये का लक्ष्य भाव तय किया है।
निर्माण गतिविधियों में शामिल जे.कुमार इन्फ्रा में निवेश के लिए एसएमसी ने तर्क दिया है कि यह सड़कों, पुलों, फ्लाइओवर, सब-वे, ओवर ब्रिज, स्काईवॉक और रेलवे टर्मिनस / स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण करती है। कंपनी के पास 20 हाइड्रोलिक पिलिंग रिंग हैं जिनका उपयोग भवनों और फ्लाईओवर, समुद्री संरचनाओं और अपतटीय प्लेटफार्मों के लिए नींव बनाने के लिए किया जाता है। कंपनी का पिलिंग सेगमेंट कई रियल एस्टेट और इन्फ्रा कंपनियों की आवश्यक्ताओं को पूरा करता है। जे.कुमार की परियोजनाओं में भूमिगत मेट्रो सीसी -24, दिल्ली मेट्रो टनल, अहमदाबाद मेट्रो, बालेवाडी पुल और धनकवड़ी फ्लाईओवर शामिल हैं। कंपनी के पास मौजूदा 10,000 करोड़ रुपये के ठेकों में 67% सार्वजनिक और 33% निजी क्षेत्र के हैं। एसएमसी ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि इस समय कई शहर मैट्रो रेल सेवा शुरू करने की योजना बना रहे हैं और जे.कुमार इसका लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। एसएमसी का मानना है कि उच्च राजस्व वृद्धि का परिणाम कंपनी के सामने कार्यशील पूँजी निवेश और कम परिचालन नकद बहिर्वाह के रूप में सामने आयेगा। इसके साथ ही जे.कुमार ने चालू वित्त वर्ष के लिए पूँजीगत व्यय हेतू 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें बड़ा हिस्सा मुंबई मेट्रो लाइन III के लिए 2 नए टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) खरीदने और मौजूदा 4 टीबीएम के नवीनीकरण में खर्च किया जायेगा। कंपनी के पास उच्च मार्जिन परियोजनाओँ के होने से प्रबंधन ने चालू वित्त वर्ष में 25% राजस्व वृद्धि की उम्मीद जतायी है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे भी बहुत बेहतर रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इसकी कुल बिक्री तिमाही दर तिमाही आधार पर 19.15% और सालाना आधार पर 18.93% की बढ़त के साथ 369.03 करोड़ रुपये रही और शुद्ध लाभ 9.22% की वृद्धि के साथ 26.53 करोड़ रुपये रहा। (शेयर मंथन, 14 अप्रैल 2017)

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