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दो साल में नये घर में जाना चाहते हैं 44% भारतीय : सीबीआरई सर्वे

बड़ी संख्या में भारतीय आबादी अगले दो साल में नए घर में जाने की इच्छा रखती है। साथ ही वे किरायेदार से मकान मालिक बनना चाहते हैं। एक वैश्विक सर्वेक्षण में भारतीयों की अपने घर के प्रति चाह खुलकर सामने आई है।

रिलायंस कैपिटल पर एनसीएलएटी की सुनवाई पूरी, ट्रिब्यूनल ने आदेश सुरक्षित रखा

अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) के कर्जदाताओं की याचिका पर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने मंगलवार (21 फरवरी) को सुनवाई पूरी की और अपना आदेश सुरक्षित रखा।

डीमर्जर के बाद एनएमडीसी की बाजार में धमाकेदार एंट्री, 38 रुपये प्रति शेयर पर हुई लिस्ट

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी स्टील (NMDC Steel) ने डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। यह कंपनी सोमवार (20 फरवारी) को इस्पात कारोबार के अलग होने के बाद बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) सूचीबद्ध हो गयी। कंपनी का स्टॉक 37.75 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ।

संवर्धन मदरसन 58 करोड़ में करेगी जर्मनी की कंपनी का अधिग्रहण

संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल (SAMIL) की सहायक कंपनी संवर्धन मदरसन ऑटोमोटिव सिस्टम्स ग्रुप (SMRPBV) ने जर्मनी स्थित एसएएस ऑटोसिस्टमटेक्निक (एसएएस) के अधिग्रहण के लिए फॉरेशिया के साथ एक समझौता किया है।

भारतीय बाजार पर लौटा विदेशी निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में 7600 करोड़ का निवेश

भारतीय बाजारों पर विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटता हुआ नजर आ रहा है। डिपॉजिटरी के आँकड़ों मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में 7600 करोड़ रुपये का निवेश किया।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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