शेयर मंथन में खोजें

महँगाई में राहत से ब्याज दरें घटाने की मांग तेज

महँगाई दर घट कर 7% के भी नीचे आ जाने से ब्याज दरों में कटौती की मांग तेज हो गयी है। उद्योग संगठन फिक्की के महासचिव डॉ. अमित मित्रा ने इस कमी के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मांग की है कि वह तुरंत ही और एक बड़ी मात्रा में ब्याज दरों में कटौती करे। उनकी यह भी मांग है कि आरबीआई कर्ज की उपलब्धता को भी और आसान बनाये।

उनके मुताबिक महँगाई दर में तेज गिरावट आने से अब आरबीआई ब्याज दरों में और ज्यादा कटौती करने और कर्ज की उपलब्धता बढ़ाने के उपाय करने में ज्यादा सक्षम होगी। उन्होंने आरबीआई से अपील की है कि वह ग्राहकों और कंपनियों को अधिक मात्रा में कर्ज उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को राजी करे। फिक्की महासचिव का मानना है कि ऐसा कदम अर्थव्यवस्था को सहारा देने की सरकारी योजनाओं के अनुरूप होगा। उन्होंने यह मांग भी रखी है कि आरबीआई छोटे-मंझोले उद्योगों (एसएमई) के लिए विशेष योजना लाये और उन्हें कामकाजी और पूँजीगत कर्ज उपलब्ध करा कर उद्योग जगत के इस खास हिस्से को सहारा दे।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख