शेयर मंथन में खोजें

एटीएम (ATM) से पैसे निकालने की दैनिक सीमा बढ़ी

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने एटीएम से पैसे निकालने की दैनिक सीमा में ढील देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी यानी उस समय प्रचलित 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी, जिसके बाद आरबीआई (RBI) बैंकों और एटीएम से पैसे निकालने की दैनिक एवं साप्ताहिक सीमा लागू कर दी थी। नोटबंदी के दौरान इसकी दैनिक सीमा में कई बार बदलाव किये गये।
इस समय एटीएम से पैसे निकालने की दैनिक सीमा 4,500 रुपये थी, जिसे अब आरबीआई ने बढ़ा कर 10,000 रुपये कर दिया है। हालाँकि 24,000 रुपये की साप्ताहिक सीमा जारी रहेगी। यानी चाहे बैंक की शाखा जा कर या एटीएम से अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से एक हफ्ते में कुल 24,000 रुपये तक ही नकद पैसे निकाले जा सकते हैं।
कारोबारियों को भी कुछ राहत दी गयी है। चालू खातों (करंट एकाउंट) से नकद निकालने की साप्ताहिक सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ा कर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट भी शामिल हैं। आरबीआई ने एक सर्कुलर में कहा है कि एटीएम और चालू खातों से निकासी की सीमाओं की समीक्षा के बाद इन सीमाओं को तत्काल प्रभाव से बढ़ाने का फैसला किया गया है। (शेयर मंथन, 16 जनवरी 2017)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख