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आरबीआई (RBI) ने शुरू किये सीमा पार विलय के लिए नियम

आरबीआई (RBI) ने भारत और विदेशी कंपनियों के बीच विलय तथा एकीकरण के लिए नियम बनाये हैं।

विदेशी विनिमय प्रबंधन (सीमा पार विलय) नियमन, 2018 में अंतर्गामी (Inbound) और निर्गामी (Outbound) निवेश दोनों की व्यवस्था मौजूद है। कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय ने पहले ही कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 234 का ऐलान कर दिया था, जिससे किसी विदेशी कंपनी के भारतीय कंपनी के साथ या किसी भारतीय कंपनी के विदेश कंपनी के साथ विलय-एकीकरण का रास्ता खुल गया था। केंद्रीय बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत तय किये नियमों के साथ ही यह नियम अब प्रभाव में आ सकते हैं।
अंतर्गामी विलय के मामले में तैयार होने वाली नयी कंपनी मूल्य निर्धारण और क्षेत्रीय विदेशी निवेश की स्थिति तथा फेमा के नियमों के मुताबिक गैर-भारतीय निवासी को प्रतिभूति जारी या हस्तांतरित कर सकती है। वहीं निर्गामी एकीकरण के मामले में फेमा नियमों के अनुसार ही कोई भी भारतीय नयी कंपनी की प्रतिभूतियों का अधिग्रहण या अपने पास रख सकता है। जानकारों का मानना है कि इस कानून का प्रभाव दिवाला और दिवालियापन कार्यवाही पर भी पड़ेगा, क्योंकि अब विदेशी निवेशक भी भारतीय संपत्तियों की खरीदारी के लिए बोली लगा सकेंगे। (शेयर मंथन, 29 मार्च 2018)

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